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Ayodhya: दो मासूम बच्चों को गंभीर बीमारी ने घेरा, मां ने CM और PM से लगाई गुहार

अनिल निषाद, अयोध्या

अयोध्या में दो मासूम बच्चों को एक ऐसी गंभीर बीमारी ने घेर रखा है। जिसका इलाज भारत में नहीं सिर्फ विदेशों में अमेरिका के पास है। यह दोनों बच्चे प्रखर पांडे और प्रज्वल पांडे हैं, जिनकी उम्र 12 वर्ष और 10 वर्ष है। दोनों सगे भाई है। यह दोनों एक गंभीर बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित हैं। इन बच्चों के इलाज के लिए 32 करोड़ रुपये की जरूरत है. असहाय पड़े यह बच्चे बड़ी आशा के साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से अपने जीवन की आस लगाए बैठे है।

आपको बता दें कि प्रखर पांडे और प्रज्वल पांडे अयोध्या जिले के गोसाईगंज तहसील के माया बाजार गांव पांडे पुरवा के रहने वाले हैं। इनके पिता धर्मेंद्र पांडे की छोटी सी जनरल मर्चेंट की दुकान है। मां साधना पांडे घर में ही रह कर बच्चों का लालन-पालन कर रही है। जब यह दोनों बच्चे 5 साल के हुए तब तक इनको किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन धीरे-धीरे इनके पैरों में जान जाती रही और यह चलने फिरने लायक नहीं रह गए।

इस दौरान इनके पिता धर्मेंद्र पांडे ने देश के कोने कोने में इस लाइलाज बीमारी का इलाज करवाने की कोशिश की। इन्होंने जिला अस्पताल फैजाबाद, मेडिकल कॉलेज लखनऊ, हरिद्वार पतंजलि योगपीठ और दिल्ली एम्स के साथ-साथ केरल, उदयपुर, राजस्थान और हरियाणा के मेदांता में दिखाया। लेकिन कहीं भी इनको इलाज में लाभ नहीं मिला। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने बताया इसका इलाज भारत में संभव नहीं है। इसका इलाज विदेशों में है। अमेरिका में इंजेक्शन से इनका इलाज किया जा सकता है। पिता धर्मेंद्र पांडे का कहना है कि अब तक इनके इलाज में 20 से 25 लाख रुपए खर्च किया जा चुका है। वह सब कर्जे में आ गए हैं। लेकिन बीमारी का इलाज नहीं हो पाया है.

प्रखर व प्रज्वल की मां ने रो-रो कर कहा कि शुरुआती दौर में बेटा एकदम स्वस्थ थे. लेकिन 5 साल बीतने के बाद बच्चों को मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी ने घेर लिया। देश के जिस भी कोने में लोगों ने बताया हम सभी लोग इलाज के लिए गए. लेकिन कोई लाभ नहीं मिला. वह चाहती हैं कि उनके बेटे किसी तरह से स्वस्थ हो जाए। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्होंने आर्थिक सहायता की अपील की है। ₹32 करोड़ रुपये इलाज में खर्च होंगे। सरकार सहायता दे देगी तो बच्चे स्वस्थ हो जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी देश की जनता से अपील की है कि वह बच्चों के जीवन को बचाने के लिए सहयोग करें। इसके लिए बकायदा अकाउंट नंबर भी जारी किया है। सरकार इन बच्चों के जीवन के लिए मदद करें और आम जनता भी इनकी मदद करें. वहीं, अयोध्या दशरथ मेडिकल कॉलेज के पेडियाट्रिक विभाग के एचओडी डॉ आनंद शुक्ला का कहना है कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी बहुत ही गंभीर होती है इसके इलाज के लिए रिसर्च चल रहा है भारत में अभी इसकी कोई दवाई नहीं विकसित हो पाई है लेकिन विदेशों में इसकी दवाइयां विकसित हुई हैं और इसका इलाज जो है विदेशों में हो सकता है.

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