ब्रेकिंग
औरेया: दरोगा ने पेश की इंसानियत की मिसाल, नहर से खुद निकाली गली-सड़ी लाशAgra: बाल विकास परियोजना के तहत आंगनवाड़ी महिलाओं को वितरण किए गए मोबाइलMahoba: वकीलों ने रोहणी कोर्ट गोली कांड से सबक लेते हुए एसडीएम को सौंपा ज्ञापनभागवताचार्य राजराजेश्वर गोस्वामी ने अपनी छवि बिगाड़ने का किया बचावHamirpur: शराब के नशे में धुत पुलिस के जवानों ने किया हंगामा, Video हुआ ViralHamirpur: दुकान विवाद में दबंगों ने महिला को मारी गोली, हालत गंभीरएटा: कृषि कानून के विरोध मे भारतीय किसान यूनियन ने किया विरोध प्रदर्शनHamirpur: पुलिस को हाथ लगी बड़ी सफलता, मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाशमहोबा: फलों के पेड़ों को काटने वाले ग्रामीणों पर हुई FIR, वन संरक्षण नियम के तहत कार्रवाईSiddharthnagar: प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित महिला, प्रधान पर लगाया आरोप

Sitapur: जिले में ठेकेदारी पर चल रही है ग्राम प्रधानी, प्रधानों को नहीं पता कहां है उनका ब्लॉक

अजय सिंह/सीतापुर

ग्राम पंचायत चुनाव में जहां सरकार ने आरक्षण लागू किया वहीं पर बहुत सी ग्राम पंचायतों में सीटें भी चेंज हुई. इसका उदाहरण यूपी के करीब करीब हर जिले में देखने को मिल. सीतापुर जिले के हरगांव ब्लॉक में ग्राम पंचायत में 82 प्रधानों का चयन हुआ था. जिसमें 43 महिला उम्मीदवार थीं. अब ग्राम पंचायतों में हालत ये है कि महिला सीट पर लोग प्रधानी चलाने के लिए ठेकेदारी के रूप में अपना काम कर रहे हैं. जो महिला प्रधान हैं उनको कोई जानता तक नहीं. ना ही उनको ये पता है कि ब्लॉक कहां है और सेक्रेटरी कौन है. इस बीच नए बने कुछ प्रधानों ने पूर्व प्रधानों द्वारा कराए गए कार्य जैसे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय से जुड़ा लाभार्थियों का पैसा ही रोक दिया है. आरोप है कि कुछ प्रधानों ने लाभार्थियों के खाते बंद करा दिये हैं. जिससे लाभार्थी ना तो अपने पैसे निकाल पा रहे हैं और ना ही गन्ने का आया हुआ भुगतान निकाल पा रहे हैं. वहीं, खातों का दोबारा चालू कराने के एवज में गरीब लोगों से पैसे मांग रहे हैं. ऐसा ही हाल है हरगांव ब्लॉक के हैदरपुर भनवापुर ग्राम पंचायत का. ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री आवास दिए गये थे. जिसकी किश्त दो बार आ चुकी है लेकिन तीसरी किस्त जिस बैंक खातों में आई है उसे पंचायत सेक्रेट्री और प्रधान ने मिलकर बंद करा दिया है. इस संबंध में जब प्रधान सावित्री देवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है. वो तो प्रधानी देख ही नहीं रहीं. बल्कि, उनकी जगह प्रधानी तो धर्मेंद्र यादव चला रहे हैं. बहरहाल, अपने साथ हुए खेल की जानकारी ग्रामीणों ने हरगांव ब्लॉक पर भी दी है. मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. अब देखना होगा कि इन गरीबों के बंद खाते कब खुलते हैं. जिससे इनकी जिंदगी दोबारा पटरी पर लौट सके.

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities