बड़ी ख़बरें
नहीं रहे शेयर मार्केट किंग झुनझुनवाला, 5 हजार की रकम से खड़ा किया था करोड़ों का साम्राज्य10 साल की बेटियों ने लिखी गुमनाम नायिका पर किताब, सीएम शिवराज ने किया विमोचनजेम-टीटीपी के आतंकी को मिला था नूपुर को फिदायीन हमले से मारने का टॉस्क, सैफुल्ला ने इंटरनेट के जरिए वारदात को अंजाम देने की दी थी ट्रेनिंग, पढ़ें टेररिस्ट के कबूलनामें की ‘चार्जशीट’मध्य प्रदेश में नहीं रहेगा अनाथ शब्द, शिवराज सिंह ने तैयार किया खास प्लानजम्मू-कश्मीर की सरकार का आतंकियों के मददगारों पर बड़ा प्रहार, आतंकी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत चार को नौकरी से किया बर्खास्त, पैसे की व्यवस्था के साथ वैज्ञानिक चलाते थे आतंक की ‘पाठशाला’होर्ल्डिंग्स से हटाया सीएम का चेहरा, तिरंगे की शान में सड़क पर उतरे योगी, यूपी में 4.5 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्यबांदा में नाव पलटने की घटना में 6 और शव मिले, अब तक 9 की मौतपहले फतवा जारी और अब लाइव प्रोग्राम में सलमान रुश्दी पर चाकू से किए कई वार14 साल के बाद माफिया के गढ़ में दाखिल हुआ डॉन, भय से खौफजदा मुख्तार और बीकेडी ‘पहलवान’पुलिस के पास होते हैं ‘आन मिलो सजना’ ‘पैट्रोल मार’ ‘गुल्ली-डंडा’ और ‘हेलिकॉप्टर मार’ हथियार, इनका नाम सुनते ही लॉकप में तोते की तरह बोलने लगते हैं चोर-लुटेरे और खूंखार बदमाश

एक्शन में ‘बाबा का बुलडोजर’, जौनपुर में अवैध निर्माण हुए ध्वस्त

बिंरेन्द्र सिंह, जौनपुर

जौनपुर: यूपी में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत होने से पहले ही सरकारी जमीनों पर किये गये अवैध निर्माण कार्यों को स्थानीय प्रशासन ने बुलडोजर चला कर ढहाना शुरु कर दिया है। इस कड़ी में जौनपुर में बुलडोजर की गरज सुनाई दी। जौनपुर शहर स्थित बरनवाल ज्वेलर्स पर बाबा का बुलडोजर चल गया। दरअसल, ज्वेलरी शॉप सरकारी जमीन पर बना हुआ है। प्रतिष्ठान के मालिक का कहना है कि नजूल की भूमि के रजिस्टर में इसका उल्लेख नहीं है। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ उपस्थित हैं।

आपको बता दें कि जौनपुर शहर के कचहरी मार्ग पर बरनवाल ज्वैलर्स की शॉप है। इस प्रतिष्ठान के मालिक विजय बरनवाल हैं। दरअसल, ये दुकान नजूल की भूमि पर बनी हुई है। 39/1 गाटा संख्या से इसका उल्लेख खतौनी के कागजात में है। लगभग 45 वर्गमीटर में ये निर्माण हुआ है। 2016 में इस जमीन की रजिस्ट्री हुई थी और दिसंबर 2019 में ज्वैलरी शॉप का उद्घाटन हो गया था। जममें को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में मामला चल रहा था।

नजूल की भूमि होने के कारण भवन मानचित्र को 8 मार्च 2019 को कार्यालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका आयोजित की गई थी। उच्च न्यायालय के आदेश पर याचिकाकर्ता को विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोके जाने की नोटिस निर्गत की गई थी। बावजूद इसके न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर नजूल की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य पूरा किया गया। 22 जून 2021 को अवैध निर्माण कार्य को ध्वस्त किए जाने का आदेश पारित किया गया था।

इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि नजूल की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य कराया गया था। ध्वस्त करने के संदर्भ में नोटिस जारी कर दी गई थी। गुरुवार को पर्याप्त सुरक्षा बल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध निर्माण कार्य पर बुलडोजर चला दिया है।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities