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जाति धर्म नही अब मुद्दों की बारी, जानिए उन्नाव के सियासी समर में कौन किस पर है भारी?

निशा नाथ पांडे, उन्नाव

चुनावी तारीखों का ऐलान होने के साथ ही अब चुनावी सरगर्मियां भी तेज होने लगी है। महाकवि निराला के शहर उन्नाव में भी अब सियासत परवान चढ़ती जा रही है। जातिय और सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ लोग अब मुद्दों के आधार पर अपने नेता का आंकलन कर रहे हैं। इस समय चुनावी बेला का सफर है। ऐसे में हर एक सियासत वोटरों को लुभाने की कोशिशों में जुटा है। लेकिन कहीं ऐसा ना हो कि झूठा प्यार और सिंपैथी जताकर गलत व्यक्ति उनका जनप्रतिनिधि बन जाए। यही वजह है कि उन्नाव सदर की विधानसभा का चुनावी गणित इस बार बेहद ही पेचीदा हो गया है। यूं तो यहां समाजवादी पार्टी कांग्रेस बीएसपी और बीजेपी सभी पार्टियां यहां अपना दम दिखा रही हैं लेकिन उन्नाव की सदर विधानसभा सीट में बीजेपी से वर्तमान विधायक पंकज गुप्ता एक बार फिर मजबूत नजर आ रहे हैं। जनता के साथ उनका जुड़ाव उन्हें औरों से अलग कर रहा है। उन्नाव में अगर चुनाव मुद्दों के आधार पर हुआ तो पंकज गुप्ता दूसरे प्रत्याशियों से 20 साबित हों सकते है। उनके विधानसभा में लोग कहते हैं कि पंकज गुप्ता ने 5 साल काम किया है इस बार के चुनाव मुद्दों के आधार पर होंगे जनता अपने नेता को उसके किए गए काम और अपने मुद्दों के आधार पर चुनेगी। अगर उन्नाव में मुद्दों की बात की जाय तो सबसे बड़ा मुद्दा किसानों का है। यहां के किसान अन्ना जानवरों से हलकान हैं। अन्ना गोवंश किसानों की फसलों को रात-रात भर में चौपट कर देते हैं। जिससे किसानों को पूरी-पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती है। इन किसानों की सबसे बड़ी समस्या को दूर करने के लिए बीजेपी विधायक पंकज गुप्ता ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कई गौ आश्रय स्थलों को बनवाया। वहां अन्ना गायों को गौशाला में रखकर उनका पालन पोषण करवा रहे हैं।  अब जरा यह तस्वीर देखिए यह तस्वीर है। विधायक पंकज गुप्ता की जो बाड़े में बंद गोवंश की पूजा करते नजर आ रहे। गोवंश से तंग आकर लोगों ने इन्हें गांव के बाड़ों में बंद कर दिया। जब विधायक को इसकी खबर लगी तो विधायक जी गांवो-गांवों में जाकर इन गोवंशों को गो आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का काम करते हुए नजर आए।

विधायक कहते हैं कि गौ सेवा हमारे लिए एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि हमारे लिए आस्था का विषय है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में जब से हमारी सरकार आई हमने गौ सेवा के लिए गौ संरक्षण के लिए बहुत काम किया है। वहीं अन्ना जानवरों की समस्या का निर्यात होता देख किसान बेहद खुश है। किसान कहते हैं कि पंकज गुप्ता ही हमारे लिए सबसे बड़ा चेहरा है क्योंकि उन्हें हमारी समस्या मालूम है और उसका निदान कैसे करना है उसका तरीका मालूम है।  क्षेत्र के विकास से लेकर सरकारी योजनाओं तक का लाभ आम जनता तक पहुंचे यह सुनिश्चित करने का काम विधायक पंकज गुप्ता ने बखूबी किया है। यूं तो सियासी लड़ाई में प्रतिद्वंदिता की कमी नहीं होती। समर्थकों के साथ-साथ विरोधियों की तादाद कम नहीं होती। लेकिन विरोधियों के पास भी पंकज गुप्ता के खिलाफ कोई ठोस वजह दिखाई नहीं देती। विपक्षियों के छुटपुट विरोध पीछे की वजह समस्याओ से ज्यादा सियासी नजर आती है। यही वजह है की उन्नाव सदर सीट को जनता का भरोसा एक बार फिर अपने पुराने चेहरे पर ही नजर आता है।

शायद इसी लिए महाकवि निराला ने लिखा था की
जागो फिर एक बार!
प्यार जगाते हुए हारे सब तारे तुम्हें
अरुण-पंख तरुण-किरण
खड़ी खोलती है द्वार
जागो फिर एक बार!
यानि…उम्मीदों की किरण पताका द्वार खोलकर आपके विजय का इंतजार कर रही है एक बार फिर जाग जाओ

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