बड़ी ख़बरें
Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी बोले कश्मीर मेरी टी शर्ट लाल करना हो कर दो… लेकिन बच्चों-बुजुर्गों ने आंसुओं से स्वागत कियाBBC Documentary: बीबीसी डॉक्यूमेंट्री मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट… याचिका दाखिल कर रोक हटाने की मांग… 6 फरवरी को होगी सुनवाईBharat Jodo Yatra: प्रियंका और राहुल गांधी बर्फबारी का लुफ्त  उठाते आए नजर… भाई-बहन ने एक दूसरे को बर्फ के गोले फेंककर मारे… वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलExtended weekend: ‘पठान’ ने 5वें दिन तोड़े सभी रेकॉड… बॉलीवुड के इतिहास में वीकेंड में सर्वाधिक कमाई करने वाली बनी फिल्मBeating the Retreat Ceremony: बारिश के बीच बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी कार्यक्रम की शुरूआत… 3500 स्वदेशी ड्रोन आसमान दिखाएंगे इंडियन कल्चरRakhi mother passes away:राखी सावंत की मां का निधन… भावुक पोस्ट में रोते हुए दिखीं एक्ट्रेस… आखिरी समय में दर्द में थी मांNational Executive of SP declared: अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल को दी बड़ी जिम्मेदारी…. स्वामी प्रसाद मौर्य को भी मिली जगह… सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषितRohit Sharma: पाकिस्तान के बल्लेबाज शाहिद आफरीदी के इस रेकॉड पर रोहित शर्मा की नजर… इस साल टूट जाएगा रेकॉडIndia vs New Zealand T20 Series: टीम इंडिया सीरीज में वापसी करने उतरेगी… जाने क्या है इंडिया-न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग-11Flag Hoisting at Lal Chowk: लाल चौक पर राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा… पं नेहरू के बाद झंडा रोहण करने वाले राहुल बने दूसरे कांग्रेसी नेता

उज्बेकिस्तान में कफ सिरप पीने से हुई थी 18 बच्चों कि मौत… ड्रग विभाग कि टीमों ने की छापेमारी

लखनऊ: उज्बेकिस्तान में कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नोएडा स्थित कफ सिरफ बनाने वाली कंपनी मेरियन बायोटेक ने बयान दुख जताया है। इसके साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दवा कंपनी मैरियन बायोटेक के नोएडा स्थित परिसर पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश ड्रग डिपार्टमेंट की टीमों ने जाकर जांच की है।
यूपी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी हालांकि भारत में कफ सिरप Doc-1 Max नहीं बेचती है। जिसके कारण कथित रूप से उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत हुई है। गौतम बुद्ध नगर के ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर के मुताबिक नोएडा के सेक्टर 67 स्थित परिसर में निरीक्षण गुरुवार सुबह शुरू हुआ। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संघ (CDSCO) ने इस संबंध में जांच शुरू की है।
कंपनी के लीगल हेड हसन हारिस ने कहा कि हादसे में हुई मौतों के लिए हम दुखी हैं। सरकार जांच कर रही है। हम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे। सैम्पल ले लिए गए हैं। उस उत्पाद का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।
उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर भारतीय दवा कंपनी का कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उज्बेकिस्तान की सरकार ने 18 बच्चों की मौत के लिए भारत की एक दवा कंपनी को जिम्मेदार ठहराया था। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि भारतीय दवा कंपनी द्वारा निर्मित कफ सिरप का सेवन करने से 18 बच्चों की मौत हुई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फार्मास्यूटिकल कंपनी मैरियन बायोटेक द्वारा निर्मित Dok-1 Max सिरप के पीने से बच्चों की मौत हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस कंपनी द्वारा निर्मित Dok-1 Max सिरप वर्तमान में भारतीय बाजार में नहीं बेचा जा रहा है।
WHO जांच में करेगा सहायता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि वह उज्बेकिस्तान में कफ सिरप के सेवन से 18 बच्चों की मौत मामले में आगे की जांच में सहायता करने के लिए तैयार है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि वह उज्बेकिस्तान में स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है।
गाम्बिया में हुई थी 60 से अधिक बच्चों की मौत
इससे पहले, अक्तूबर में अफ्रीकी देश गाम्बिया में भारत में निर्मित कफ सिरप से 60 से अधिक बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था, लेकिन अभी तक भारतीय कंपनी के कफ सिरप से बच्चों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गाम्बिया में कथित तौर पर भारत में निर्मित कफ सिरप से बच्चों की मौत पर सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि मेडेन फार्मास्यूटिकल्स की खांसी की दवाई के नमूने मानक गुणवत्ता वाले पाए गए हैं। रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खुबा ने 13 दिसंबर को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने राज्य औषधि नियंत्रक के सहयोग से सोनीपत में मेडेन फार्मास्यूटिकल्स की एक संयुक्त जांच की थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अक्तूबर की शुरुआत में इसे लेकर रिपोर्ट जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि खांसी की दवा डाइथेलेन ग्लाइकोल और इथिलेन ग्लाइकोल इंसान के लिए जहर की तरह हैं। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसुस ने कहा था कि बच्चों की मौत का संबंध चार दवाओं से है। इन सिरप के सेवन से उनके गुर्दों को क्षति पहुंची। ये चारों दवाएं हरियाणा की एक ही कंपनी मेडेन फार्मास्यूटिकल्स की हैं।
WHO की रिपोर्ट आने के बाद गाम्बिया ने मेडेन फार्मास्यूटिकल के उत्पादों पर बैन लगा दिया गया था। WHO ने सभी देशों को इन दवाओं को बाजार से हटाने की चेतावनी दी थी। खुद भी इन देशों और संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति शृंखला पर नजर रखने की बात कही थी। WHO की चेतावनी के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जांच के आदेश जारी दिए।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities