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Ayodhya Land Deal: कैसे रामराज्य में हुई जमीनों की लूट, विपक्ष ने तरेरी आंखें

अनिल निषाद/अयोध्या

कबीर ने शायद सच ही लिखा था “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।अंत समय पछतायेगा, जब प्राण जायेंगे छूट॥

लेकिन तब कबीर को भी इस बात का इल्म नहीं रहा होगा कि उनके इस दोहे को राम भक्त इतना गहराई से ले लेंगे, कबीर से प्रेरणा ले अयोध्या में ,क्या अधिकारी, क्या खद्दर धारी क्या साधु क्या संत सबने राम नाम की लूट मचा दी,
अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के पूरा होने की राह पूरी दुनिया निहार रही है कि कब रामलला का मंदिर बनकर तैयार होगा कब रामलला अपने मंदिर में विराजमान होंगे और पूरी दुनिया उस दुर्लभ क्षण के दीदार करेगी लेकिन कुछ राम भक्त ऐसे हैं राम मंदिर के आसपास ही बस जाना चाहते हैं प्रभु राम को अपने मन में बसा लेना चाहते हैं और शायद यही राम भक्ति उन्हें राम मंदिर के आसपास जमीनें खरीदने को मजबूर कर रही है लेकिन उन् नामुरादों को शायद इनकी राम भक्ति रास नहीं आ रही इसीलिए इसे घोटाले कर नाम दे रहे हैं कह रहे हैं

  1. अधिकारियों ने राम मंदिर के पास की जमीन खरीदी….तो क्या गुनाह हो गया ?
  2. क्या राम लला के भक्त अधिकारी नहीं हो सकते?
  3. क्या रामलला के भक्त खद्दर धारी नहीं हो सकते?
  4. अगर हो सकते हैं तो इसकी मलाई खाने का हक भी तो इनको है.
  5. पहले आपको बताते हैं कि हंगामा क्यों बरपा है?
  • कमिश्नर एमपी अग्रवाल के ससुर केशव प्रसाद अग्रवाल ने 10 दिसंबर 2020 को बरहटा मांझा में महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से 31 लाख रुपए में 2530 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।
  • उनके बहनोई आनंद वर्धन ने भी उसी दिन उसी गांव में इसी ट्रस्ट से 15.50 लाख में 1260 वर्ग मीटर जमीन खरीदी।
    कमिश्नर की पत्नी अपने पिता की फार्म हेलमंड कांट्रैक्टर्स एंड बिल्डर्स एलएलबी में पार्टनर है।
  • 26 जुलाई 2020 से 30 मार्च 2021 तक अयोध्या के डीआईजी रहे दीपक कुमार की पत्नी की बहन महिमा ठाकुर ने 1 दिसंबर 2021 को बरहटा माझा में 1020 वर्ग मीटर जमीन महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से 19 .75 लाख में खरीदी।
  • 20 जुलाई 2018 से 10 सितंबर 2021 के बीच मुख्य राजस्व अधिकारी रहे पुरुषोत्तम दास गुप्ता (एडीएम गोरखपुर) के साले अतुल गुप्ता की पत्नी तृप्ति गुप्ता ने अमरजीत यादव के साथ मिलकर 12 अक्टूबर 2021 को बरहटा मांझा में 1,130 वर्ग मीटर भूमि महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से 21.88 लाख रुपये में खरीदी ।
  • पूर्व भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ने 18 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट से 2,593 वर्ग मीटर जमीन 30 लाख रुपये में खरीदी ।
  • अयोध्या के तत्कालीन एसडीएम आयुष चौधरी की चचेरी बहन शोभिता रानी ने 28 मई, 2020 को अयोध्या के बिरौली में आश्रम से 5,350 वर्ग मीटर भूमि को 17.66 लाख रुपये में खरीदा।
  • 28 नवंबर, 2019 को शोभिता रानी द्वारा संचालित आरव दिशा कमला फाउंडेशन ने दिनेश कुमार से 7.24 लाख रुपये में अयोध्या के मलिकपुर में 1,130 वर्ग मीटर भूमि खरीदी।
  • तत्कालीन सीओ सिटी अरविंद चौरसिया के ससुर संतोष कुमार चौरसिया ने 21 जून, 2021 को भूपेश कुमार से अयोध्या के रामपुर हलवारा उपरहार गांव में 126.48 वर्ग मीटर भूमि को चार लाख रुपये में खरीदा।
  • 21 सितंबर 2021 को उनकी सास रंजना चौरसिया ने काेरखाना में 279.73 वर्ग मीटर भूमि भागीरथी नामक व्यक्ति से 20 लाख रुपये में खरीदा ।
  • विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के भतीजे तरुण मित्तल ने 21 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में 5,174 वर्ग मीटर जमीन रेणु सिंह और सीमा सोनी से 1.15 करोड़ रुपये में खरीदी।
  • 29 दिसंबर, 2020 को उन्होंने मंदिर स्थल से लगभग पांच किमी. दूर सरयू नदी के पार महेशपुर (गोंडा) में अधिवक्ता एवं होटल व्यवसायी जगदंबा सिंह और जदुनंदन सिंह से चार करोड़ रुपये में 14,860 वर्ग मीटर भूमि खरीदी।
  • विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ने 18 नवंबर 2019 को बरहटा मांझा में एमआरवीटी से 2,593 वर्ग मीटर जमीन 30 लाख रुपये में खरीदी।
  • 16 मार्च 2021 को उनके बहनोई राजेश कुमार मिश्रा ने राघवाचार्य के साथ मिलकर सूरज दास से बरहटा माझा में 6320 वर्ग मीटर भूमि 47.40 लाख रुपये में खरीदी।
  • राज्य सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही की पत्नी संगीता शाही और उनके बेटे सहर्ष कुमार शाही ने 18 नवंबर, 2021 को अयोध्या के सरायरासी मांझा में 929.85 वर्ग मीटर भूमि 15.82 लाख रुपये में खरीदी।
  • राज्य ओबीसी आयोग के सदस्य बलराम मौर्य ने 28 फरवरी, 2020 को गोंडा के महेशपुर में जगदंबा और त्रिवेणी सिंह से 50 लाख रुपये में 9,375 वर्ग मीटर जमीन खरीदा ।

अब इस खरीद-फरोख्त को विपक्षी पार्टियों ने बड़ा सियासी मुद्दा बना लिया है क्या आम आदमी पार्टी क्या कांग्रेस क्या समाजवादी पार्टी सभी सरकार को रह-रहकर कोस रहे आप सांसद संजय सिंह ने तो आरोप लगाया की 10 रुपये के स्टांप पर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की नियम विरुद्ध जमीनें खरीदी गईं। उनका आरोप है की प्रयागराज के दलित व्यक्ति रोंघई ने अयोध्या आकर कुछ दलितों की 21 बीघा जमीनें खरीदीं। बाद में यह जमीन प्रेमचंद्र श्रीवास्तव के महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट को गैर पंजीकृत 10 रुपये के स्टांप पर बेच दी गईं। ट्रस्ट ने उस जमीन पर प्लॉटिंग शुरू कर दी, जबकि पहले अनुसूचित जाति की जमीन स्कूल-कॉलेज खोलने के नाम पर ली गई थी।

प्रियंका गांधी और सफाई भी इस खरीद-फरोख्त से बौखलाए नजर आ रहे हैं।

 

अब भला इन्हें कौन बताए जिस सूबे की सरकार राम के नाम पर बनी हो जिस सरकार का मुखिया खुद योगी हो जिस सरकार ने रामराज्य लाने के लिए सारे जतन किए हो उसमें मलाई भी तो राम भक्त ही खाएंगे या आप जो राम का विरोध करते करते नहीं थकते थे।

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