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30 साल के बाद अमेरिका का ‘बदलापुर’, अल-कायदा चीफ अल जवाहिरी को काबुल में किया ढेर, इस 83 साल के शख्स ने छह माह पहले ऑपरेशन का बनाया था प्लान

नई दिल्ली। अमेरिका ने 30 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अल-कायदा चीफ अल जवाहिर को काबूल स्थित एक मकान में मिशाइल अटैक से मार गिराया। आतंकवादी पर 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम था। अल जवाहिरी 9/11 हमले के मुख्य आरोपियों में से था। इस ड्रोन हमले में तालिबान के 12 अन्य खूंखार आतंकी भी मारे गए हैं। जिसकी पुष्टि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कर दी है। इस ऑपरेशन का प्लॉन छह माह पहले बनाया था और अमेरिका राष्ट्रपति ने आतंकी के डेथ वारंट पर साइन किए थे।

कौन था आतंकी अल जवाहिरी
अल जवाहिरी की 1984 में सऊदी अरब में ओसामा बिन लादेन से पहली बार मुलाकात हुई। 1985 में वह लादेन के साथ पाकिस्तान के पेशावर शहर में रहा। दोनों साथ मिलकर आतंकवाद को लेकर काम करते रहे। अल जवाहिरी ने ओसामा बिन लादेन के साथ मिलकर कई आतंकी साजिशें रचीं। जवाहरी पर कई देशों में आतंकी हमले करने का आरोप है। अमेरिका में 2001 में हुए 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अल जवाहिरी ही अल-कायदा का प्रमुख बना। अमेरिका ने अल जवाहिरी पर 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा था। अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मारने के करीब 11 साल बाद जवाहरी को मार गिराया।

रविवार की सुबह ड्रोन हमले में मारा गया आतंकी
अलकायदा चीफ अल जवाहिरी कई साल पाकिस्तान में रहा। अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद वह काबूल में आकर बस गया। इसकी भनक अमेरिका की खूफिया एजेंसी सीआईए को लग गई थी। पिछले छह माह से अल जवाहिरी पर सीआईए नजर बनाए हुए थे। रविवार की सुबह करीब छह बजे अल जवाहिरी जैसे ही घर की बालकानी पर आया, वैसे ही अमेरिका ने मिशाइल अटैक के जरिए उसका खात्मा कर दिया। राष्ट्रपति जो बाईडेन ने अल जवाहिरी के मारे जाने की पुष्टि की है। तालिबान ने अल जवाहिरी के मारे जाने की बात कहने के साथ अमेरिका की कार्रवाई की घोर निंदा की है।

हक्कानी के करीबी के घर पर रूका था जवाहिरी
जिस घर में अलकायदा का नेता जवाहिरी मारा गया है, उसका मालिक सिराजुद्दीन हक्कानी कार्यालय के निदेशक मावली हमजा है। हमजा को सिराजुद्दीन हक्कानी का दाहिना हाथ माना जाता है। यह भी बताया जाता है कि इस अमेरिकी ड्रोन हमले में अलकायदा से जुड़े 12 अरबी और तालिबान के कई आला अधिकारी भी मारे गए। हालंकि अमेरिका की तरफ से इनके मारे जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि आतंकी को ढेर करने के लिए अमेरिका ने तालिबान में अपने मुखबिर लगाए थे। करोड़ों की रकम खर्च की गई। सटीक सूचना मिलने पर ड्रोन के जरिए मिशाइल से हमला कर जवाहिरी को ढेर किया गया।

क्या बोले जो बाइडेन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी काबुल में हवाई हमले में मारा गया है चाहे कितना भी समय लगे, चाहे आप कहीं भी छिप जाएं, अगर आप हमारे लोगों के लिए खतरा हैं, तो अमेरिका आपको ढूंढेगा और बाहर निकालेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अल जवाहिरी के मारे जाने के बाद उम्मीद जताई कि अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहरी की हत्या 11 सितंबर, 2001 को संयुक्त राज्य अमेरिका पर हुए हमलों के पीड़ितों के परिवारों के लिए बड़ी राहत होगी। जो बाइडेन ने कहा कि, हम अफगानिस्तान को एक आतंकवादी सुरक्षित पनाहगाह बनने की अनुमति देंगे, क्योंकि वह मारा गया है और हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि और कुछ न हो। उन्होंने आगे कहा, “यह आतंकवादी नेता अब नहीं रहा।

बराक ओबामा ने क्या कहा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सालों से खुफिया तरह से काम कर रहे सदस्यों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन के नेतृत्व में काम कर रहे उन सभी सदस्यों को श्रद्धांजली, जिन्होंने सालों तक इस मौके का इंतजार किया है। आतंकवादी अल-जवाहिरी के मारे जाने की खबर इस बात का भी सबूत है कि अफगानिस्तान में युद्ध के बिना आतंकवाद को जड़ से खत्म करना संभव है और मुझे उम्मीद है कि यह खबर 9/11 के परिवारों और अल-कायदा के हाथों पीड़ित सभी लोगों को शांति देगा।

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