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आखिर ? अनिच्छा से पंच तत्व में विलीन हुए महंत नरेंद्र गिरि

संत समाज के मूर्धन्य पुरोधा अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की असमय-अकाल मृत्यु से समूचा जगत शोक संतप्त है। इस दुख की घड़ी में देश भर से आए श्रद्धालु आज संगम नगरी प्रयागराज पहुंचकर पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन किए और राष्ट्र भर से आए वरिष्ठ नेताओं ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भारी जन सैलाब के बीच आज अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को भू समाधि दे दी गई और पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम होने के बाद बाघम्बरी गद्दी लाया गया। नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को पुष्पों द्वारा सजे वाहन पर असीन कर  शासन प्रशासन द्वारा सुझाए गए मार्गों से तीनों नदियों के संगम पर पहुंचाया गया।

पोस्टमार्टम के बाद महंत के पार्थिव शरीर को प्रयागराज की परिक्रमा कराते हुए तीनों नदियों के पवित्र जल से संगम में स्नान कराने के बाद लेटे हुए हनुमान मंदिर लाया गया, जिसके महंत खुद नरेंद्र गिरी थे।

सुसाइड नोट के अनुसार, बाघम्बरी गद्दी के उत्तराधिकारी महंत बलवीर ने मंहतों द्वारा समस्त क्रियायों को कराते हुए वैदिक मंत्रोच्‍चार मंत्रों द्वारा महंत नरेंद्र गिरि को भू समाधि दी गई।

इस दौरान समूचे राष्ट्र से 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों की उपस्थिति रही। अखाड़ा परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हरि गिरि के अनुसार, महंत नरेंद्र गिरि परलोक गमन के उपरांत अब अखाड़ों का दायित्व किस पर होगा इसके लिए बहुत जल्द एक बैठक बुलाई जाएगी। सभी संत समाज ने सात दिवसीय शोक की घोषणा की है। जिसके लिए 5 अक्टूबर को एक विशाल भंडारा किया जाएगा।

अखाड़ा परिषद के संतों ने महंत नरेंद्र गिरि की समाधि देने के पश्चात एक गुप्त बैठक भी हुई। गुप्त बैठक का एजेंडा क्या था, इसके बारे में तात्कालिक सूचना नहीं मिल पाई। लेकिन जो आशंका व्यक्त की जा रही है कि उत्तराधिकार एवं आगे की कार्यवाही किस तरह चलाई जाएगी। उस पर जल्द निर्णय होगा एवं महंत नरेंद्र गिरि की अकाल मृत्यु के कारणों की समीक्षा की जाएगी और उम्मीद जताई जा रही है कि मौजूदा सरकार इन रहस्यमयी तथ्यों की सघन जांच कर निष्कर्ष पर जल्द से जल्द पहुंच कर समस्त घटनाक्रम का पटापेक्ष करेगी।

महंत नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में लगाए गए सभी पुलिसकर्मी हटा दिए गए हैं और विभागीय जांच का आदेश हुआ है। क्योंकि यह भी एक बहुत बड़ी चूक है कि इतने  बड़े सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद भी हत्या या आत्महत्या होना पुलिस के लिए बहुत बड़ी विफलता है। पुलिस सुरक्षा में बरती गई लापरवाही पर दंड निश्चित होना ही चाहिए।

महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उपस्थित संतो के मध्य कहा कि नरेंद्र गिरि की मौत की जांच मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी कर रही है। बहुत ही जल्द इस मौत से जुड़े रहस्यों का पर्दाफाश होगा।

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