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300 करोड़ के घोटाले की फाइल लेकर गायब हुआ पूर्व चेयरमैन, मनोज धामा समेत तीन पर लगे आरोप

रिपोर्ट- नितिन ठाकुर

गाजियाबाद की लोनी नगर पालिका में पूर्व चेयरमैन समेत तीन लोगों पर 300 करोड़ रुपए के घोटाले की फाइल गायब करने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता की तरफ से नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन समेत कुल तीन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। हालांकि इस तहरीर पर अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता का नाम और पद तो लिखा है, लेकिन उस पर कोई हस्ताक्षर नहीं है। पुलिस का कहना है कि कोई हस्ताक्षर युक्त तहरीर आती है तो उसके आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

टेंडर की मूल कीमत से ज्यादा भुगतान की बात सामने आने पर इस पूरे मामले की जांच एसडीएम संतोष राय को सौंपी गई। जिन्होंने अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता से संबंधित फाइलों को प्रस्तुत करने के लिए कहा। इसके बाद शालिनी गुप्ता ने फाइलों के रखरखाव करने वाले बाबू को फाइल प्रस्तुत करने के आदेश दिए। लेकिन, कई बार कहने के बाद भी वो फाइल प्रस्तुत नहीं कर पाया और आखिर में बताया गया कि वे सारी फाइल गायब हैं। अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी डीके राय के साथ बाबू के खिलाफ भी तहरीर दी है।

जानकारी के मुताबिक, जिलाधिकारी के निर्देश पर जिन फाइलों में घोटाले की बात सामने आ रही थी। उन सभी फाइलों को जांच के लिए मांगा गया था। जब वो फाइल कार्यालय में नहीं मिलीं तो नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप मचा गया। हालांकि इस पूरे मामले में नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का कहना है कि उनके खिलाफ यह सब राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया है और कार्यालय की फाइलों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह सब जिम्मेदारी बाबू की होती है या कार्यालय में ही काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है।

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