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पंप की कोठी पर बुलडोजर चलने से बाहर आए 312-315 बोर के तमंचा, कानून का कसा शिकंजा तो हाईकोर्ट पहुंची अटाला की फातिमा

प्रयागराज। जुमे की नमाज के वक्त प्रयागराज में भड़की हिंसा के मास्टमाइंड की पांच करोड़ की कोठी पर रविवार को ‘बाबा का बुलडोजर’ चला। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान हिंसा के मास्टरमाइंड के घर से पुलिस के कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस को घर से 12 बोर और 315 बोर के तमंचे मिले हैं। साथ ही छुपाकर रखे गए जिंदा कारतूस के अलावा आपत्तिजनक साहित्य बरामद हुआ है. एसएसपी अजय कुमार ने बरामदगी की जानकारी दी है.

दिया गया था नोटिस
प्रयागराज हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन एक्शन में है। करीब 95 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है तो वहीं 54 सौ से ज्यादा अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन, प्रयागराज विकास प्राधिकरण तथा नगर निगम की टीम शनिवार को दिन भर अटाला तथा अन्य क्षेत्रों में मौजूद रही तथा आरोपियों के घरों को चिन्हित किए। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने प्रयागराज हिंसा के आरोपी मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप के घर पर ध्वस्तीकरण का नोटिस लगाया है और उसे 12 जून को सुबह 11 बजे तक घर खाली करने के लिए कहा था। यह घर अवैध रूप से निर्मित है।

करीब 12 बजे पहुंचा बुलडोलर
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की दस्ता करीब तीन से चार हजार पुलिसबल के जवानों के साथ जावेद उर्फ पंप के घर पर पहुंचा। चार बुलडोजर के जरिए आलीशान कोठी को गिराने का काम शुरू हुआ। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पंप की कोठी जमीन पर मिल गई। पूरी कार्रवाई के दौरान चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात था। एसएसपी ने मीडिया को बताया कि, जावेद के घर से आपत्तिजनक साहित्य बरामद हुआ है। अदालतों पर टिप्पणी करने वाले बयान भी घर से मिले हैं। ध्वस्तीकरण से पहले हुई तलाशी के दौरान ये अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि ये साक्ष्य कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे।

29 गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया
एसएसपी ने बताया था कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है और थाना खुल्दाबाद और थाना करेली में 70 नामजद अभियुक्तों और 5400 से भी ज्यादा अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ 29 गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी के मुताबिक वीडियो फुटेज के आधार पर इन शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है, कई लोगों को मौके पर हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। इस प्रकार अभी तक 95 लोगों पुलिस हिरासत में लिया गया है।

पंप को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार
अटाला बवाल मामले के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद उसकी बड़ी बेटी भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। दरअसल जावेद से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसकी बेटी भी उसे राय-मशविरा देती थी। पुलिस अब इस बात में जुटी है कि क्या भारत बंद के आह्वान और जुमे पर प्रदर्शन के संबंध में भी उसकी अपने पिता से कोई बातचीत हुई थी। जावेद की बड़ी बेटी है दिल्ली में रहती है। वह जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी भी रह चुकी है। साथ ही सीएए-एनआरसी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में भी प्रमुख रूप से शामिल हुई थी। वह वर्तमान में सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे फ्रैटर्निटी मूवमेंट की राष्ट्रीय सचिव भी है।

बेटी ने पिता को बताया निर्दोष, वीडियो किया जारी
जुमे के दिन अटाला में हुए बवाल के मास्टरमाइंड बताए जा रहे जावेद मोहम्मद की बड़ी बेटी ने अपने पिता को निर्दोष बताया है। सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो जारी कर उसने अपने पिता और परिवार को फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि पुलिस ने नियमविरुद्ध तरीके से न सिर्फ उसके पिता बल्कि मां और छोटी बहन को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद से उनका कुछ अता-पता नहीं है। न ही पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी दे रही है।

हाईकोर्ट में याचिका दायर
जुमे के बाद हिंसा और बवाल के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद के घर के ध्वस्तीकरण के खिलाफ पत्र याचिका दाखिल की गई है. हाईकोर्ट के छह वकीलों की ओर से पत्र याचिका चीफ जस्टिस राजेश बिंदल को भेजी गई है। आरोप लगाया गया है कि अवैध तरीके से जावेद मोहम्मद की पत्नी परवीन फातिमा का मकान ध्वस्त किया गया है। इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि यह मकान जावेद का नहीं बल्कि उनकी पत्नी परवीन फातिमा के नाम है। यह मकान परवीन फातिमा को उनके पिता से शादी से पहले गिफ्ट के रूप में मिला था। इसलिए जावेद मोहम्मद की ओनरशिप न होने के बावजूद उन्हें नोटिस दिया गया और मकान उनकी पत्नी का गिराया गया है।

इन लोगों ने दाखिल की याचिका
पीडीए कार्यवाही को गलत बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता केके राय, मोहम्मद सईद सिद्दीकी, प्रबल प्रताप, रवींद्र सिंह, नजमुस साकिब खान और रविंद्र सिंह ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजी है। अवैध ध्वस्तीकरण बताते हुए मुआवजा और दोषी अधिकारियों को दंडित किए जाने की मांग की गई है। वकीलों का कहना है कि पीडीए ने नियम-कानून के खिलाफ कार्रवाई की है। ऐसे में कोर्ट को मामले में दखल देते हुए अघिकारियों पर कार्यवाही करनी चाहिए।

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