ब्रेकिंग
Siddharthnagar: भाकियू ने केंद्रिय मंत्री अजय मिश्रा को हटाने के विरोध में जाम किया रेलवे ट्रैकHamirpur: किसानों के रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन अलर्ट, तैनात की गई जीआरपी और पुलिसAuraiya: किसान यूनियन द्वारा रेल रोकने के मामले में पुलिस प्रशासन सख्तUnnao: किसानों की ओर से रेल रोको आंदोलन का आह्वान, पुलिस और प्रशासनिक टीमें अलर्टHamirpur: आकाशीय बिजली गिरने से बेटे की मौत, मां की हालत गंभीरAgra: किसान आंदोलन के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामAgra: युवक के ऊपर टूट कर गिरा बिजली का तार, करंट लगने से युवक की मौतJhansi: रजत पदक विजेता शैली सिंह का गुरु पद्मश्री अंजु बॉबी जार्ज के साथ हुआ भव्य सम्मानआगरा: सरकारी हैडपम्प पर दो पक्षों में हुआ विवाद, दबंगों ने युवती को जमकर पीटाAgra: एक्टिव मोड दिखी BSP, बसपाई ने दिया कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र

अयोध्या में न्याय के लिए भटक रही है दलित लड़की, पुलिस दर्ज नहीं कर रही मामला

अनिल निषाद, अयोध्या

उत्तर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे करती है साथ ही पुलिस भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कितनी मुस्तैद है उसकी बांगी अयोध्या में देखने को मिली जहां छेड़खानी का शिकार एक दलित बालिका हुई. आरोप है कि बालिका पिछले कई दिनों से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रही है. थाने से लेकर प्रमुख सचिव तक कोई ऐसा नहीं बचा जहां उसने अपने खिलाफ हुए उत्पीड़न की शिकायत न की हो लेकिन अधिकारियों और पुलिस ने उसकी नहीं सुनी.

अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र के पूरा बाजार चौकी इलाके में एक नाबालिग दलित बालिका को रक्षाबंधन के दिन इलाके के ही धर्मेंद्र यादव ने उसके घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की. वहीं, पीड़िता का आरोप है कि उसके ऊपर धर्मेंद्र ने पिस्टल लगा दी और धमकी दी कि अगर चिल्लाओगी तो जान से मार देंगे लेकिन लड़की किसी तरह से जान बचाकर भाग निकली. उसके बाद गांव के ही कुछ लोगों ने उसे बचाया. दरअसल रक्षाबंधन के दिन पीड़िता की मां अपने पति के साथ मायके राखी बनवाने के लिए गई थी और लड़की घर में अकेली थी. जब शाम को मां घर वापस आई तो उसने मां को पूरी आपबीती बताई. उसके बाद मां लड़की को लेकर महाराजगंज थाने पहुंची. जहां छेड़छाड़ की शिकायत थाने में दी तो पुलिस ने मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया. लेकिन पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया तब मजबूर होकर पीड़िता की मां ने जिलाधिकारी, पुलिस महानिदेशक और महिला राज्य आयोग के साथ-साथ प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश को लिखित शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की,

लेकिन थाने ने अपनी गर्दन बचाने के लिए इस पूरे मामले को ही फर्जी बता डाला. पुलिस का कहना है कि विपक्षी को फंसाने के लिए महिला झूठ बोल रही है और जांच में यह पूरा मामला ही फर्जी पाया गया है, अब इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही पता लग पाएगा. लेकिन फिलहाल जहां एक तरफ पीड़िता इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है तो वहीं पुलिस पल्ला झाड़ती नजर आ रही है.

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities