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गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड का खेल

दिनेश सिंह, गाजियाबाद

नगर निगम गाजियाबाद को एक अदद कूड़ा डलाव केंद्र नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम स्थापना से आज तक हर उस स्थान का विरोध हो रहा है। जहां पर कूड़ा डाला गया। वजह साफ है कि नगर निगम का बेहतर मैनेजमेंट प्लान नहीं है। खुले में कूड़ा डालने से बदबू और गंदगी होती है। दिल्ली-एनसीआर में अब ऐसी जगह नहीं है। जहां दूर तक बसावट ना हो। सबसे पहले कूड़ा डालने का विरोध डूडाहेडा में हुआ। उसके बाद सिद्धार्थ विहार में आवास विकास योजना के शुरुआती चरण में मिट्टी माफिया क्षेत्र की मिट्टी उठा ले गए, कहीं-कहीं तीन से चार मीटर तक मिटटी उठ चुकी थी। जिसको भरने में कई साल लगे, उसके बाद से हिंडन नदी के किनारे कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया। जिसके विरोध में एनजीटी में लंबी जद्दोजहद के तहत यहां से डंपिंग ग्राउंड हटा। फिर सिहानी, मोरटा और महामाया स्टेडियम के पीछे अब गानंद में स्थानीय गांव के निवासियों का विरोध। समस्या कहाँ है सिद्धार्थ विहार में ही ऐसा प्रचारित किया गया था कि यहां पर कूड़े की रीसाइक्लिंग किया जाएगा। लाखों की लागत से मशीनें लगाई गई लेकिन कई साल तक उसमें बिजली कनेक्शन तक नहीं लगा।

हालत यह रही कि लाखों की मशीन बिना प्रयोग के बर्बाद हो गई। ऐसा ही मामला हर जगह होता है कूड़े की भरी गाड़ियां ओवरलोडेड होने से कूड़ा सड़क पर गिरता है। जिससे सड़कों पर भी गंदगी फैलती है। आखिर समूचे देश में कूड़ा मैनेजमेंट सिस्टम है फिर गाजियाबाद में ही ऐसी समस्या क्यों आती है। कहीं तो कुछ गड़बड़ है, पूरे शहर में गंदगी फैली हुई है राज नगर एक्सटेंशन स्थित मिशन सोसाइटी के पास बनाए गए अस्थाई डंपिंग ग्राउंड को बंद हुए 21 दिन हो गया। अब तक नगर निगम द्वारा शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जा सकी। जिस कारण सड़कों के किनारे खाली प्लॉट औद्योगिक क्षेत्र में कूड़ा इधर चोरी छुपे डाला जा रहा है। लोगों को कूड़े की बदबू के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण और भी शहर के पॅाश सोसाइटी में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कल संपन्न बारावफात में भी मस्जिदों के आसपास भी कूड़ा दिखाई दिया। एक तरफ मोदी सरकार के स्वच्छता मिशन अभियान के तहत भाजपाई इधर-उधर झाड़ू लगाते दिख जाते हैं। वहीं अमृत महोत्सव जैसे आयोजनों के बाद भी स्वच्छता मिशन पर नगर निगम पलीता लगा रहा है। वायु प्रदूषण में तो गाजियाबाद पहले से अव्वल रहता है, लगता है कि गंदगी में भी अब हमारा शहर ऊपर से नंबर एक ही रहेगा। इस विकट समस्या का यथोचित निस्तारण होना ही चाहिए।

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