Notice: Undefined property: AIOSEO\Plugin\Common\Models\Post::$options in /home/customer/www/astitvanews.com/public_html/wp-content/plugins/all-in-one-seo-pack/app/Common/Models/Post.php on line 104
dir="ltr" lang="en-US" prefix="og: https://ogp.me/ns#" > Gujarat Assembly Elections 2022 : संगठन से सीधे मिली थी गुजरात के बतौर चीफ मिनीस्टर की बागडोर, पहले विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को इस कांग्रेसी नेता ने दी थी जोरदार टक्कर - Astitva News
बड़ी ख़बरें
कौन है वो Nukush Fatima जिसकी एक गुहार में Cm Yogi ने प्रशासन की लगा दी क्लास और 24 घंटे में वो कर दिया जो 20 सालों में नही हो पाया !अब फातिमा का परिवार Yogi को दे रहा है दुआएं !आज पूरा देश #RohiniAcharyaको कर रहा है सलाम,Lalu की बेटी ने अपनी किडनी देकर पिता को दी नई जान !Gujrat के बेटे ने बदल दी सियासी बाजी ,सातवीं बार फिर गुजरात में खिलेगा कमल Congress के बयानवीरों ने फिर डुबोई कांग्रेस की लुटिया !Irfan Solanki News : कानून के शिकंजे से घबराए इरफान सोलंकी ने भाई समेत किया सरेंडर, पुलिस कमिश्नर आवास के बाहर फूट-फूट कर रहे विधायक, जानें किन धाराओं में दर्ज है FIRPM Modi Roadshow : गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचंड मतदान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का मेगा रोड शो, 3 घंटे में 50 किमी से अधिक की दूरी के साथ ‘नमो’ का विपक्ष पर ‘हल्लाबोल’‘बाहुबली’ पायल भाटी ने ‘बदलापुर’ के लिए रची हैरतअंगेज कहानी, हेमा का कत्ल करने के बाद पुलिस से इस तरह बचती रही बडपुरा गांव की ‘किलर लेडी’Gujarat Assembly Election 2022 : गुजरात में है आजाद भारत का ऐसा पोलिंग बूथ, जहां सिर्फ एक वोटर जो 500 शेरों के बीच करता वोट, लोकतंत्र के त्योहार की बड़ी दिलचस्प है स्टोरीगुजरात में किस दल की बनेगी ‘सरकार’ को लेकर जारी है मदतान, रवींद्र जडेजा की पत्नी समेत इन 10 दिग्गज चेहरों के साथ मोरबी हादसे में नायक बनकर उभरे इस नेता पर सबकी नजरGujarat Assembly Election : गुजरात में भी है मिनी अफ्रीका, जहां पहली बार मतदान कर रहे मतदाता, बड़ी दिलचस्प है यहां की गाथाGujrat Election 2022: योगी मॉडल का गुजरात में बज रहा है डंका . Modi के बाद Yogi की सबसे ज्यादा डिमांड

Gujarat Assembly Elections 2022 : संगठन से सीधे मिली थी गुजरात के बतौर चीफ मिनीस्टर की बागडोर, पहले विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को इस कांग्रेसी नेता ने दी थी जोरदार टक्कर

अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव की रणभेदी बज चुकी है। जीत-हार के लिए राजनीतिक दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। सत्ताधारी दल बीजेपी 2022 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बल पर सरकार बनाने को लेकर शंखनाद कर दिया है। अस्तित्व न्यूज आज आपको पीएम नरेंद्र मोदी और गुजरात के बीच रिश्ते से रूबरू कराने जा रहा है। जब कच्छ में भूकंप के बाद केशुभाई पटेल की सरकार के कामकाज पर प्रश्न चिह्न लग गए थे। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुजरात की बागडोर संभालने के लिए नरेंद्र मोदी को भेजा। हमेशा बीजेपी के रणनीतिकार के रूप में अपनी भूमिका निभाने वाले और जीवन में कोई चुनाव न लड़ने वाले नरेंद्र मोदी सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए और छह माह के अंदर उन्हें विधानसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज करनी थी।

मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपना पहला विधानसभा चुनाव राजकोट से लड़ने का मन बनाया और वहां के विधायक वजुभाई वाला ने इस्तीफा दिया। मोदी के लिए चुनाव लड़ने का यह पहला अनुभव था। राजकोट उपचुनाव से मोदी के जीवन का नया अध्याय शुरू हुआ। 1998 में आयोजित विधानसभा चुनाव में राजकोट 2 की सीट पर वज़ुभाई वाला ने अपने प्रतिस्पर्धी आरजेपी के कश्मीराबेन नथवाणी को 28 हजार से भी अधिक वोट के मार्जिन से हराया था। इस सीट के लिए जब 2002 में उपचुनाव हुए, मोदी के सामने कांग्रेस के अश्विन मेहता प्रत्याशी थे। 21 फरवरी को 2002 को हुए उपचुनाव का परिणाम 24 फरवरी को आया। इसमें मोदी 14,725 मतों से जीते और बाकी के 19 प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई।

दिसम्बर 2012 में आयोजित विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने राजकोट 2 के बदले अहमदाबाद की मणिनगर सीट को अधिक सुरक्षित माना। इस तरह से मोदी ने 2002, 2007, 2012 के विधानसभा चुनाव में मणिनगर से ही अपना भाग्य आजमाया। परंतु इस तीनों चुनाव में मोदी को अश्विन मेहता जैसी चुनौती देने में नाकाम साबित हुए। सिटीजन बैंक सुप्रीमो अश्विन मेहता थे प्रखर कांग्रेसी नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजकोट में चुनाव लड़ने वाले अश्विन मेहता कांग्रेस के प्रखर हिमायती थे। कुछ समय पहले ही उनका निधन हो गया। वे सिटीजन बैंक के सुप्रिमो थे। स्वभाव से शांत, सरल और सौम्य थे। बैंकिंग क्षेत्र का उन्हें अच्छा-खासा अनुभव था। लोग उनका सम्मान भी करते थे।

गोधरा के दंगों के बाद आयोजित 2002 के विधानसभा चुनाव में मणिनगर सीट पर मोदी के खिलाफ कांग्रेस के यतीन ओझा को उतारा गया। 2007 के चुनाव में मोदी के खिलाफ कांग्रेस ने सीनियर नेता दिनशा पटेल की बाजी खेली और 2012 के चुनाव में मोदी सरकार के खिलाफ आए आईपीएस संजीव भट्ट की पत्नी को कांग्रेस की टिकट दी गई। परंतु तीनों चुनाव में मोदी के विजयरथ को रोकने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी लगातार विफल साबित हुए।

लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रधानमंत्री के रूप में घोषित करने के बाद मोदी ने दो सीटों गुजरात की वडोदरा और उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ा। वडोदरा सीट से उनके खिलाफ कांग्रेस के थिंक टैंक माने जाने वाले धुरंधर नेता मधुसूदन मिस्त्री थे। उधर वाराणसी में मोदी को ओपन चैलेंज देने वाले आप आदमी के अरविंद केजरीवाल थे। परंतु मोदी की ज्वाला इतनी प्रचंड थी कि मिस्त्री और केजरीवाल उनके सामने टिक नहीं पाए।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities