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शिवपाल ने पहली बार तल्ख तेवर में अखिलेश को पत्र लिखकर दिलाई याद, जिन्होंने नेता जी को कहा था ISI का एजेंट उनका समर्थन न करें ‘प्लीज’

लखनऊ। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर देश की सियासत गर्म है। सत्तापक्ष और विपक्ष अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सहयोगी दल के नेता ओमप्रकाश राजभर ने पाला बदल लिया और एनडीए की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान का ऐलान कर सूबे की सियासत गर्म कर दी है तो वहीं प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने शनिवार को सपा के अध्यक्ष और अपने भतीजे अखिलेश यादव को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी के जरिये शिवपाल ने अखिलेश यादव को राष्ट्रपति पद के लिए यशवंत सिन्हा को समर्थन पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने अपने भतीजे को पुराना वाक्या भी याद दिलाते हुए लिखा है कि, जिसने नेता जी (मुलायम सिंह यादव) को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट का बताया था, उसका समर्थन कर आप पार्टी को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।

एक बेहद गंभीर व संवेदनशील विषय
शिवपाल सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि, ’मैं, आपका और समाजवादी पार्टी के शुभचिंतकों का ध्यान एक बेहद गंभीर व संवेदनशील विषय की ओर दिलाना चाहता हूं। यह नियति की अजीब विडंबना है कि समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसमें हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा व ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को उनके रक्षा मंत्रित्व काल में पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आईएसआई का एजेंट बताया था।

पूरी पार्टी मजाक का पात्र बनकर रह गई
शिवपाल ने आगे लिखा कि, यह दुभाग्यपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी को राष्ट्रपति प्रत्याशी के तौर पर एक अदद समाजवादी विरासत वाला नाम न मिला। यह कहते हुए मुझे दुख और क्षोभ हो रहा है कि जो समाजवादी कभी नेताजी के अपमान पर आगबबूला हो जाते थे। आज उसी विरासत के लोग नेताजी को अपमानित करने वाले व्यक्ति का राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन कर रहे हैं। ऐसा लगने लगा है कि पूरी पार्टी मजाक का पात्र बनकर रह गई है।

ऐसे में मेरे सुझाव पर ध्यान दें
शिवपाल ने पत्र में ये भी लिखा, मुझे अपनी सीमाएं पता है। आप समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं। ऐसे में मेरे सुझाव पर ध्यान देते हुए एक बार उम्मीदवार के समर्थन पर पुनर्विचार किया जाए। शिवपाल यादव ने लिखा है कि, आपके निर्णय से पार्टी के कार्यकर्ता दुखी हैं। समाजवादी पार्टी कभी अपने विचारों से नहीं उतरी। शिवपाल यादव ने लिखा कि, आप अपने इस निर्णय पर पुनः विचार करें। जिससे कि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे।

डिप्टी सीएम ने सपा प्रमुख पर साधा था निशाना
इससे पहले, शुक्रवार को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख पर निशाना साधा था। 1997 में आई एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से केशव मौर्य ने दावा किया कि यशवंत सिन्हा ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को आईएसआई एजेंट करार दिया था। मौर्य ने ट्विटर अकाउंट पर अखबार की कटिंग शेयर कर अखिलेश से पूछा था कि यशवंत सिन्हा के इस बयान पर आप क्या कहेंगे। केशव मौर्य ने जिस खबर के हवाले से यह दावा किया है। वह 15 जनवरी 1997 में एक अंग्रेजी अखबार में छपी थी।

फाइल को देखने और एक्शन लेने की मांग की थी
उस वक्तएचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री हुआ करते थे और मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री। यशवंत सिन्हा उस समय बीजेपी के कद्दावर नेता थे। इस खबर में यशवंत सिन्हा ने खुफिया रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया था कि मुलायम सिंह यादव आईएसआई के एजेंट हैं। यशवंत ने कहा था कि इस संबंध में पीएमओ में एक फाइल भी मौजूद है। उन्होंने तत्कालीन पीएम एचडी देवगौड़ा से इस फाइल को देखने और एक्शन लेने की मांग की थी।

सीधे तौर पर वो शामिल हैं
उस वक्त यशवंत सिन्हा के बयान पर हंगामा होने के बाद उन्होंने सफाई दी थी। कहा था,“मैं शब्द नहीं बोल रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि बिहार और यूपी में आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों में सीधे तौर पर वो शामिल हैं। काठमांडू में आईएसआई कार्यकर्ताओं की मेजबानी करने वाले नेपाल के सांसद के साथ उनके घनिष्ठ संबंध के कारण उन्हें रक्षा मंत्री बनने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

सपा ने समर्थन का किया ऐलान
बता दें कि, सपा ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। बीते दिन ही अखिलेश यादव ने यशवंत सिन्हा के साथ लखनऊ में मीटिंग की थी। जिसमे उन्होंने शिवपाल यादव और सपा गठबंधन के सहयोगी दल सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर को निमंत्रित नहीं किया था। हालांकि इसके बाद शिवपाल यादव और राजभर ने ऐलान किया कि वो एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन करेंगे।

18 जुलाई को वोटिंग होनी है
इस साल 2022 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग होनी है। इसके बाद 21 जुलाई को चुनाव के परिणाम घोषित होंगे। एक तरफ जहां एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू उम्मीदवार है तो वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष ने सामूहिक रूप से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि आज विपक्ष के लिए बड़ी खबर सामने आई, जिसमें आम आदमी पार्टी ने भी राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए यशवंत सिन्हा का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है।

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