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भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ा ऊर्जा संकट का असर, जानें कैसा है पड़ोसी देशों का हाल

भारत समेत पूरी दुनिया कुछ समय से ऊर्जा संकट की समस्या का सामना कर रही हैं। अगर भारत की बात की जाए तो भारत की स्थिति अब सुधरती नजर आ रही है। ऊर्जा संकट की समस्या से हर जगह की जनता परेशान है। इस संकट के पीछे की बड़ी वजह क्या है,  इस पर बात करें तो, इसकी इटरनेशनल बाजार में कोयले, कच्‍चे तेल और प्राकृतिक गैस काी कीमत बेतहाशा बढ़ी है। इस समय ये अपने रिकार्ड स्‍तर पर हैं। इस कारण से न केवल मंहगाई में वृद्धि हुई है बल्कि ऊर्जा संकट भी बढ़ा है।

मौजूदा समय में अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में गैस की कीमत इस साल अब तक करीब 250 फीसद तक बढ़ोत्तरी हुई है। इसका सबसे अधिक असर यूरोपीय देशों में पड़ रहा है। यहां पर जनवरी से अब तक गैस की कीमत में करीब छह गुना तक की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं एशियाई देशों के बारे में बात करें तो यहां पर भी ईंधन की कीमत में वृद्धि हुई है। जैसे-जैसे ऊर्जा संकट बढ़ता गया वैसे-वैसे ही कच्‍चे तेल की कीमत मांग ढाई लाख बैरल से बढ़कर साढे सात लाख बैरल प्रतिदिन तक हो गई है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल की कीमत में और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है।

इसी सिलसिले में अगर हम भारत की बात करें तो देश अपनी जरूरत की ऊर्जा का अधिकतर कोयले से बनने वाली बिजली से पूरा करता है। लेकिन भारत की खदान से निकलने वाला कोयला बहुत बेहतर क्‍वालिटी का न होने के कारण से इसको अमेरिका, इंडोनेशिया और आस्‍ट्रेलिया से आयात किया जाता है। लेकिन बीते कुछ समय में ही इंडोनेशिया से आने वाले कोयले की कीमत 60 डालर प्रति टन से 250 डालर प्रतिटन हो गई है। इसी कारण से आयातित कोयले में कमी आई है।

इसका परिणाम भारत में हुई कोयले की कमी के तौर पर देखा गया, जिसका सीधा प्रभाव बिजली उत्‍पादन पर पड़ा है। हालांकि इस कमी को पूरा करने के लिए कोयले का उत्‍पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वैसे देश में इस बार कोयले का उत्‍पादन पहले की तुलना में करीब 19.33 प्रतिशत तक बढ़ा है। वहीं बिजली की मांग और उसका उत्‍पादन भी बढ़ा है। वैसे देश में अब ऊर्जा संकट की समस्या कम होते दिखाई दे रही है।

वहीं जापान में कोयला, गैस और कच्‍चे तेल की कीमतों में बढ़त के बाद यहां पर बिजली की कीमत में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। यहां पर बिजली की कीमत 33 रुपये प्रति यूनिट है। तेल की कीमत और रसोई गैस में हुई वृद्धि का सीधा प्रभाव यहां के खाद्य पदार्थों की कीमत पर पड़ा है। इनके दामों में अधिक तेजी देखी गई है।

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