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Prayagraj Voilence : ‘मजहबी गुरिल्ला वार’ और ‘काफिर स्पीच’ से भड़की हिंसा, मास्टरमाइंड के साथ ‘भड़काऊ’ इमाम भी दबोचा गया

प्रयागराज। जूमे के दिन संगमनगर में भड़की हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन फूज एक्शन में हैं। दंगा भड़काने के मास्टरमाइंड जावेद उर्फ पंप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो वहीं आरोपित की करीब पांच करोड़ की लागत से बनी कोठी को प्रयागराज प्राधिकरण ने बुलडोजर के जरिए जमींदोज कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने अटाला बड़ी मस्जिद के इमाम अली अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर पुलिसकर्मियों को काफिर कहते हुए लड़कों को भड़काने का आरोप है। जिसके बाद पथराव और आगजनी हुई थी। हिंसा के मामले में इमाम अली अहमद को भी पुलिस ने नामजद किया था।

क्या है पूरा मामला
जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हिंसा हुई। उपद्रवियों ने सबसे ज्यादा तांडव प्रयागराज में किया। दंगाईयों ने पुलिस पर गुरिल्ला वार कर उन्हें घायल किया तो पीएसी के जवानों का वाहन फूंक दिया। आगजनी, फायरिंग, पथराव और बमबाजी कर उपद्रवियों ने शहर को गहरे जख्म दिए। पुलिस व अर्धसैनिकबल के जवानों ने करीब चार घंटे के बाद उपद्रवियों पर काबू पाया। इसके बाद करीब 95 आरोपितों को गिरफ्तार करने के साथ 54 सौ अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की प्रयास पुलिस कर रही है।

फुटेज से पुलिस ने इमाम की पहचान
अटाला मस्जिद के पेश इमाम अली अहमद उर्फ अहमद अली पर बवाल की साजिश का आरोप है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने उनकी पहचान की है। अली अहमद समेत 24 अन्य आरोपियों को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस अब तक 95 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से चार नाबालिग हैं। वहीं गिरफ्तार किए गए अटाला मस्जिद के पेश इमाम अली अहमद की संलिप्तता की जांच शुरू हो गई है। जांच एजेंसियों ने कई घंटे की पूछताछ की है। इसी के साथ जावेद अहमद पंप के घर मिले अर्दू और अरबी में मिले आपत्तिजनक साहित्य का भी अनुवाद कराया जा रहा है।

इमाम अली अहमद ने पुलिस को धोखा दिया
दंगे के दिन ही एडीजी प्रेम प्रकाश ने यह बयान दिया था कि अटाला मस्जिद के पेश इमाम अली अहमद ने पुलिस को धोखा दिया है। पुलिस के साथ बैठक में उन्होंने शांति की अपील का दावा किया था जबकि पेश इमाम अली अहमद को दंगे की साजिश की पूरी जानकारी थी। उन्होंने और पुलिस मीटिंग में शामिल जावेद अहमद पंप ने दावा किया था कि कुछ नहीं होगा। सब शांत रहेगा। पुलिस को सही जानकारी छिपाई गई थी। इमाम ने मस्जिद के अंदर बच्चों के दिल और दिमाग में जहर घोला। पुलिस इमाम के अलावा अन्य 40 आरोपियों की संपत्ति की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इनके घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी।

पंप की कोठी जमींदोज
हिंसा के मास्टमाइंड जावेद उर्फ पंप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर गई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रविवार को प्रयागराज प्राधिकरण की टीम पंप की कोठी पर बुलडोजर के साथ पहुंची। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान आरोपी की पांच करोड़ की कोठी को चार बुलडोजर ने गिरा दिया। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी के घर से दो तमंचे, जिंदा कारतूस और कुछ दस्तावेत मिले हैं। जिन्हें पुलिस कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करेगी।

ऐसे शातिर ने नाम पड़ा पंप
जावेद प्रयागराज के अटाला में रहता है। टुल्लू पंप का कारोबारी होने की वजह से इसके नाम के साथ पंप जुड़ गया। जावेद पंप वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का प्रदेश महासचिव है। . पुलिस ये खोज रही है कि ये कैसा वेलफेयर था, जिसने लोगों के हाथ में पत्थर और दिमाग में नफरत भर दी। बता दें, दिल्ली हिंसा में की जांच में भी वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का नाम आया था। वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, दिल्ली हिंसा की साजिश के आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के पिता हैं।

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