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लखीमपुर नरसंहार पर विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर बोला जोरदार हमला

जिसका डर था आखिरकार वही हो गया। उत्तर प्रदेश में भी किसान आंदोलन हिंसक हो गया। लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गाड़ी से कुचल कर हुई किसानों की मौत के बाद लखीमपुर में बवाल मच गया। भाजपाई और किसान आमने सामने आ गए और उसके बाद हुई हिंसा में आठ लोग अब तक अपनी जान गवां चुके हैं।

लखीमपुर आज लहूलुहान है। लखीमपुर आज जल रहा है जो किसान अपना खून पसीना बहाकर अन्न उपजाता है। आज उसी अन्नदाता का खून सड़कों पर बिखरा पड़ा है और पूरे लखीमपुर में तांडव मचा है।

दरअसल, लखीमपुर के निघासन थाना क्षेत्र तिकुनिया में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और अजय मिश्रा टेनी का एक दगंल कार्यक्रम का आयोजन होना था। इस कार्यक्रम के विरोध की योजना किसान पिछले कई दिनों से तैयार कर रहे थे और आज सुबह से ही हेलीपैड पर सैकड़ों की तादाद में किसानों ने कब्जा कर लिया था। आरोप है कि जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के काफिले को रिसीव करने के लिए अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा कई गाड़ियों के साथ जा रहे थे। तभी किसान उन्हें काले झंडे दिखा रहे थे। ऐसे में वापस लौटते वक्त जब किसानों ने उनकी गाड़ियों के सामने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया तो गुस्साए आशीष मिश्रा ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी। जिसमें 2 किसानों की मौके पर मौत हो गई उसके बाद तो मानो तिकुनिया की सड़कों पर संग्राम हो गया किसानों ने आशीष मिश्रा की गाड़ी सहित तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों में सवार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला। जिसमें आशीष मिश्रा का एक ड्राइवर भी शामिल है। दोनों तरफ से हुए संग्राम में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जबकि 8 लोगों की मौत बताई जा रही है।

इस घटना के बाद जिस तरह से लखीमपुर में कोहराम मचा है। उससे तो उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियों को तो मानो मनचाही मुराद मिल गई। बड़े मुद्दे की तलाश में बैठी सपा बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों के लिए सरकार को घेरने का भला इससे सुनहरा और क्या मौका होगा यही वजह है कि बगैर मौका गंवाए अखिलेश यादव से लेकर प्रियंका वाड्रा तक सबने योगी सरकार पर जबरदस्त हमला बोल दिया और तो और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने योगी का इस्तीफा भी मांग लिया।

अखिलेश यादव ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई ट्वीट किए। अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों पर भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के सुपुत्र द्वारा गाड़ी चढ़ाकर मार देना शर्मनाक और अमानवीय क्रूर कृत्य है। उत्तर प्रदेश में दंभी भाजपाइयों का जुल्म अब और जनता नहीं सहेगी। यही हाल रहा तो उत्तर प्रदेश में भाजपाई ना ही गाड़ी से चल पाएंगे और ना ही उतर पाएंगे।

अखिलेश यहीं नहीं रुके उन्होंने एक और ट्वीट किया

उन्होंने अगले ट्वीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांग लिया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट किया उन्होंने लिखा जो इस अमानवीय नरसंहार को देखकर भी चुप है वह पहले ही मर चुके हैं। लेकिन हम इस बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे किसान सत्याग्रह जिंदाबाद।

बहन प्रियंका गांधी भी कहां चुप रहने वाली थी। प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया और कहा कि भाजपा देश के किसानों से बहुत नफरत करती है। यदि वे आवाज उठाएंगे तो नहीं गोली मार दी जाएगी, गाड़ी चढ़ाकर रौंद देगें, बहुत हो चुका यह किसानों का देश है। भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है। किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसानों की आवाज और बुलंद होगी।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी एक ट्वीट किया और कहा सत्ता का ऐसा नशा आपने कभी नहीं देखा होगा और ना ही सुना होगा। तीन आंदोलनकारी किसानों को मंत्री के बेटे ने गाड़ी से रौंदकर मार दिया। कितने किसानों की शहादत लेंगे मोदी जी हत्यारों को गिरफ्तार करो। सीबीआई से जांच कराओ परिवार को मुआवजा दो।

बसपा सुप्रिमो मायावती ने भी सुप्रीम कोर्ट से इस घटना का संज्ञान लेने की मांग की है।

वहीं दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया है कि 4 किसान प्रदर्शनकारियों को मार डाला गया है। किसानों को घेर कर उन पर गाड़ियां चढ़ाई गई।  उन पर फायरिंग की गई।

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