ब्रेकिंग
प्रमोशन में रिजर्वेशन मामला: केंद्र और राज्य सरकारों की दलीलें पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसलाSiddharthnagar: बिजली के खंभे से गिरने पर विद्युत कर्मचारी की मौत, नाराज लोगों ने दिया धरनाAuraiya: राजा भैया ने किया रोड शो, विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में भरा जोशइस शहर को कहा जाता है विधवा महिलाओं की घाटीAgra: बच्चों से भरी वैन के गड्ढे में गिरने से हुआ हादसाJhansi: युवा मोर्चा की जिला झाँसी महानगर कार्यसमिति की बैठक हुई सम्पन्नHamirpur: NH34 पर अतिक्रमण हटाने पहुंची कंपनी, विधायक ने मांगी मोहलतAyodhya: पांचवे दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए अवध यूनिवर्सिटी में तैयारी शुरूEtah: 100 प्रतिशत टीकाकरण करवा कर ग्रामीणों ने की मिसाल कायमMahoba: झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला नवजात शिशु, गांव में एक साल के अंदर यह दूसरी घटना

शाहजहांपुर: अमृत महोत्सव के मौके पर याद किए गए परमवीर चक्र विजेता जदुनाथ सिंह

मोहम्मद शान, शाहजहांपुर

इस समय प्रदेश में अमृत महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा है। प्रत्येक जिले में यह कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिसमें उस जिले की विभूतियों को सम्मान स्वरूप सम्मानित किया जा रहा है। कुछ विभूतियों को मरणोपरांत श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। अमृत महोत्सव का उद्देश्य है कि पूनम विभूतियों को याद करना जिन्होंने राष्ट्र के निर्माण एवं उसकी रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए ऐसा ही।

ऐसा ही एक मामला शाहजहांपुर में अमृत महोत्सव के अंतर्गत परमवीर चक्र विजेता नायक जगन्नाथ सिंह को प्रबुद्ध सम्मेलन में याद किया गया। एनसीसी की पच्चीसी बटालियन की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेना के जवानों में नाईक जदुनाथ सिंह को सैनिक सम्मान दिया गया था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाअधिकारी शाहजहांपुर इंद्र विक्रम रहें। जिसमें 25 वीं बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार मिश्र, मेजर अनिल कुमार और मालवीय जेसीओ बलविंदर कार्यक्रम का उद्देश्य बलिदान होने वाले वीर सैनिकों को सम्मानित करना। आपको बता दें कि जदुनाथ सिंह और उनकी वीरता की कहानी इतनी बेमिसाल है कि हर व्यक्ति उस कहानी को सुनकर रोमांचित हो उठता है। शाहजहांपुर की कलान तहसील के गांव खजूरी में 1916 में जब नाथ सिंह का जन्म हुआ। जदुनाथ सिंह राजपूत रेजीमेंट में भर्ती हुए और 32 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने वीरगति को प्राप्त हुए 1947 में पाकिस्तान ने जब कश्मीर पर हमला बोला था। जब से लड़ाई चल रही थी। उसके बाद 1948 में 5 फरवरी को कश्मीर के नौशेरा सेक्टर की एक चौकी पर नायक जदुनाथ सिंह अपने साथियों के साथ दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार थे। उसी रात पाकिस्तानी सैनिकों ने उनकी चौकी पर दोबारा जोरदार हमला बोला। इस हमले में जदुनाथ सिंह के दो साथी वीरगति को प्राप्त हो गए। लेकिन पाकिस्तानियों के पहले हमले को उन्होंने अपनी बहादुरी दिखाते हुए नाकाम कर दिया लेकिन दुबारा हुए हमले में जदुनाथ सिंह को 11 गोली लगने के बाद घायलावस्था में भी उन्होंने पाकिस्तान को अपनी चौकी के आगे कदम बढ़ने से रोके रखा। तब तक  रोके रखा जब तक कि हिंदुस्तानी सेना नहीं आ गई।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities