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इस ‘सिंघम’ ने विकास दुबे की मौत के बाद बिकरु कांड के ‘खलनायकों’ पर किया प्रहार, 80 मुकदमे दर्ज करने के साथ 54 आरोपितों को अरेस्ट कर भेजा जेल

कानपुर। देश-दुनिया में चर्चित बिकरु कांड का नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं। दो जुलाई 2020 की उस भयानक रात दबिश के दौरान गैगस्टर द्वारा सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की जघन्य घटना के बाद पुलिस महकमा बेहद दबाव में था। घटना में शामिल अपराधियो पर कार्रवाई पुलिस के सामने चुनौती थी। ऐसे में 4 जुलाई को विपरीत परिस्थितियों में थाने की कमान सभालने को भेजे गए तेजतर्रार इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय ने बखूबी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए 80 मुकदमें दर्ज किए। कांड के सिंघम इंस्पेक्टर राय ने 54 आरोपितों को जेल तथा 5 के खि़लाफ़ रासुका की कड़ी कारवाई कर पुलिस का मनोबल बढ़ाया और जनता के बीच एक ईमानदार व कर्तव्य निष्ठ अधिकारी होने की मिसाल पेश करते हुए चौबेपुर में दो वर्ष पूरे किए।

पुलिस के खून से लाल हुई थी बिकरू की जमीन
गैंगस्टर विकास दुबे ने आज से दो वर्ष पहले दबिश देने आए पुलिसबल पर गुरिल्ला वार की तरीके हमला कर दिया था। जेसीबी लगाकर उसने अपने हथियारबंद साथियों के साथ पुलिस पर फायरिंग की थी। जिसके चलते आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर यूपी एसटीएफ व कानपुर पुलिस ने अपराधियों की धड़पकड़ के लिए ऑपरेशन शुरू किया। विकास दुबे समेत उसके गैंग के छह अपराधियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। वहीं कानपुर में हुए शूटआउट के बाद तत्कालीन आईजी मोहित अग्रवाल ने को चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी को निलंबित कर दिया है।

इंस्पेक्टर केएम राय को दी गई जिम्मेदारी
आईजी ने थाना प्रभारी विनय तिवारी और एसआई को सस्पेंड करने के साथ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा जेल भेजा था। इसके साथ ही चौबेपुर थाना प्रभारी की नई जिम्मेदारी 2001 बैच के इंस्पेक्टर केएम राय को दी थी। केएम राय लम्बे समय तक एटीएस में तैनात रहे हैं। राय की छवि एक इमानदार और तेज-तर्राक पुलिस इंस्पेक्टर में होती है। तैनाती के बाद इंस्पेक्टर राय ने 80 मुकदमे दर्ज किया। 54 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 5 पर रासुका की कार्रवाई की।

मोबाइल नम्बरों को लिसनिंग पर लिया गया
कानपुर के बिक्ररू गांव में 8 पुलिसकर्मी शहीद होने के मामले में एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और चौबेपुर पुलिस ने 2200 नम्बरों को सर्विलांस पर लिया है। पूरे केस बागडोर इंस्पेक्टर राय के हाथों में थी। उन्होंने घटना के बाद 100 ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जो विकास के करीबी हैं। उनके मोबाइल नम्बरों को लिसनिंग पर लिया गया है। इस आधार पर पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। वहीं पूरी घटना में पुलिस के भेदिए के रूप में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी का नाम सामने आया। विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिस वालों के नंबर मिले थे। इंस्पेक्टर राय की जांच में सामने आया था कि, विकास और विनय तिवारी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।

खुशी दुबे को किया था गिरफ्तार
इंस्पेक्टर राय ने अमर दुबे की नाआलिग पत्नी खुशी दूबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। राय ने पूरे केस की विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। खुशी दुबे 2020 से जेल में हैं। इसके अलावा इंस्पेक्टर राय ने विकास की मदद करने वाले कई और आरोपियों को पकड़ा और सलाखों के पीछे पहुंचाया। साथ ही घटना के बाद खुद वह कईबार बिकरू गांव गए और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगा उन्हें निडर होकर रहने को कहा। राय के चलते बिकरू पूरी तरह से शांत हैं और ग्रामीण भी उनकी तारीफ करते हैं।

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