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National herald case : पंडित नेहरू के न्यूज पेपर पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग, जानें नेशनल हेराल्ड केस की एबीसीडी के साथ थ्योरी

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को दूसरे दिन भी तलब किया। राहुल गांधी अपनी बीमार मां सोनिया गांधी से मिलने के बाद ईडी के दफ्तर पहुंच गए। इस दौरान कांग्रेसियों ने शक्ति प्रदर्शन कर 57 साल पूरानी याद ताजा करा दी। पार्टी का हर नेता सत्याग्रह में शामिल है और बीजेपी सरकार के खिलाफ बयानबाजी के साथ प्रदर्शन कर रहा है। पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया है। इसबीच हम आपको नेहरू के इस अखबार के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके कितने किरदार और इडी ने किस मामले में कांग्रेस के नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर किया है।

आजादी के पहले का अखबार
नेशनल हेराल्ड खबार की शुरुआत देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1938 में की थी। ये समाचार पत्र आजादी के पहले का अखबार है। नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेडनाम की कंपनी करती थी। इस कंपनी की स्थापना 1937 में की गई थी और नेहरू के अलावा 5000 स्वतंत्रता सेनानी इसके शेयरहोल्डर्स थे। ये कंपनी दो और दैनिक समाचार पत्रों का प्रकाशन करती थी। उर्दू में कौमी आवाज और हिन्दी में नवजीवन। यह कंपनी किसी एक व्यक्ति के नाम पर नहीं थी।

1945 में इस अखबार को फिर से शुरू किया गया
आजादी की लड़ाई के दौरान नेशनल हेराल्ड स्वतंत्रता सेनानियों की आवाज को स्थान देने वाला प्रमुख मुखपत्र बन गया। ये स्वतंत्रा सेनानियों को आवाज को उठाला। जिसके कारण अंग्रेजी सत्ता को अखबार का ये तेवर चुभने लगा। आखिरकार 1942 में अंग्रेजों ने इस समाचार पत्र को प्रतिबंधित कर दिया। 1945 में इस अखबार को फिर से शुरू किया गया। 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिली, नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने अखबार के बोर्ड के अध्यक्ष के रूरूप में इस्तीफा दे दिया। लेकिन अखबार का प्रकाशन जारी रहा और कई नामी पत्रकार इसके संपादक बने। ये अखबार कांग्रेस की नीतियों के प्रचार-प्रसार का मुखर जरिया बना रहा।

कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे
कुछ सालों के बाद इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा ’एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ नाम की कंपनी के पास रहा। शुरुआत से इस कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे। करीब 70 साल बाद 2008 में घाटे की वजह से इस न्यूज पेपर को बंद करना पड़ा। तब कांग्रेस ने एजेएल को पार्टी फंड से बिना ब्याज का 90 करोड़ रुपए का लोन दिया। फिर सोनिया और राहुल गांधी ने ’यंग इंडियन’ नाम से नई कंपनी बनाई. यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी मिल गई। यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं बाकी का शेयर मोतीलाल बोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास था।

दिल्ली हाईकोर्ट में 2012 में केस दर्ज कराया
सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में 2012 में केस दर्ज कराया था। स्वामी ने आरोप लगाया था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, जो एजेएल पर कांग्रेस का बकाया था.। इन दोनों के अलावा 4 और चेहरे इस केस में आरोपी बनाए गए थे। कांग्रेस के दो सीनियर नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, पत्रकार सुमन दुबे और सैम पित्रोदा। इनमें से दो आरोपियों मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस का निधन हो चुका है। स्वामी की ओर से दाखिल किए गए इस मुकदमे में आरोप लगाया गया कि यंग इंडिया लिमिटेड कंपनी के जरिए नेशनल हेराल्ड का गलत तरीके से अधिग्रहण किया गया और कांग्रेस नेताओं ने करोड़ों की संपत्ति हथिया ली।

सोनिया-राहुल के खिलाफ समन जारी
दो साल बाद जून 2014 में कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया। इसके बाद अगस्त में ईडी ने मामले का संज्ञान लिया और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। सोनिया और राहुल गांधी ने साल 2015 में अलग-अलग 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि अदा करने के बाद दिल्ली की पटियाला कोर्ट से जमानत हासिल की थी। इसके अगले साल यानी 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी, लेकिन कार्रवाई रद्द करने से इनकार कर दिया। अब ईडी सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूरे मामले में पूछताछ शुरू कर दी है।

दूसरे दिन भी राहुल पहुंचे ईडी के दफ्तर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए दोबारा ईडी दफ्तर पहुंच गए हैं। राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ जारी है। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से ईडी अधिकारियों ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। सोमवार को राहुल गांधी से ईडी ने दो चरणों में पूछताछ की थी। लंच से पहले करीब 3 घंटे तक राहुल से पूछताछ हुई थी। सूत्रों की मानें को पूछताछ के दौरान राहुल गांधी ईडी के अफसरों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। वह अधितकतर प्रश्नों का उत्तर सीधे नहीं दे रहे हैं। उधर कांग्रेस के नेता शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं और बीजेपी पर जुबानी हमला कर रहे हैं।

हिरासत में लिए गए कांग्रेस के नेता
नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी नेता राहुल गांधी के खिलाफ ईडी जांच का विरोध करने पर कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी को हिरासत में लिया गया है। राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा को बदरपुर थाने में लाया गया है। जबकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, रंजीत रंजन, इमरान प्रतापगढ़ी समेत अन्य को पुलिस ने हिरासत में लिया है। छत्तीसगढ़ के सीएम और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा हम लोगों को जाने नहीं दिया जाएगा क्योंकि उनका उद्देश्य है कि इस सत्याग्रह में ज्यादा लोग ना जुड़ें। इसके बावजूद बॉर्डर पर लोग खड़े हैं और हर सड़क पर लोग दिखेंगे।

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