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JNU के सीनियर प्रोफेसर वित्तीय अनियमितता में सस्पेंड, करेंगे विजिलेंस का सामना

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रोफेसर ए एल रामनाथन को विभिन्न सरकारी प्रोजेक्टों में वित्तीय अनियमितता के चलते 30 September 2021 को उनके दायित्व से सस्पेंड कर दिया गया और बिना पूर्व अनुमति के विश्वविद्यालय से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी है। गौरतलब है कि विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए और लोगों द्वारा की गई शिकायतों के परिपेक्ष में विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था जिसने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए प्रोफेसर रामा नाथन को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई। कुलपति ने उनको हर महीने नॉन एंप्लॉयमेंट सर्टिफिकेट सबमिट करने के लिए भी मासिक रूप से सस्पेंशन अवधि में प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया है।

विश्वविद्यालय कुलपति के द्वारा उनको प्रदत अधिकार सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल 1965 के रूल 10 के सब रूल 1 के अंतर्गत ये कार्यवाही की गई है। कुलपति ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि विजिलेंस enquiry कमेटी की रिपोर्ट आने तक प्रोफेसर रामनाथन सस्पेंड रहेंगे
कुलपति द्वारा की गई कार्यवाही से जे एन यू में हड़कंप मचा हुआ है। आपको बता दें कि JNU में विवादों का होना आम बात हैं। यह संस्थान राजनीति का अड्डा है। इस संस्थान पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगता रहा है। लेकिन वित्तीय अनियमितता के आरोप में प्रोफेशर ए ए ल रामनाथन का सस्पेंशन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छवि पर धक्का है। एनवायरमेंटल साइंस में कार्यरत प्रोफेसर रामा नाथन पर आरोप है कि उन्होंने केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस द्वारा स्पॉन्सर्ड प्रोजेक्ट में लगभग 88 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की, जिस पर एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था जिसमें उन पर लगे आरोप सही पाए गए है।

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