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Siddharthnagar: खुल रही है वैक्सीन रिकॉर्ड की पोलपट्टी, बिना वैक्सीनेशन जारी हुए प्रमाणपत्र

चंदन श्रीवास्तव, सिद्धार्थनगर

Siddharthnagar: देश में एक ओर जहां रिकॉर्ड वैक्सीनेशन के दावे किए जा रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर इन दावों की पोल स्वास्थ्य महकमा के सिस्टम खोल रही है। वैक्सीनेशन से जुड़ी अजीबोगरीब खबर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद सिद्धार्थनगर से सामने आई है। जहां पर चार माह पूर्व जून में मर चुके व्यक्ति को दूसरा डोज लगा दिया। लोटन सीएचसी के अंतर्गत इस तरह के दो मामले सामने आए हैं। जिससे प्रमाणित हो रहा है कि टीकाकरण की फिडिंग में कुछ गडबड़ी है। लोटन क्षेत्र में एक व्यक्ति के मोबाइल फोन में आये संदेश में एक जैसे वृद्ध को वैक्सीन की दूसरा डोज लगाने का जिक्र है जो स्वर्ग सिधार चुके हैं। इसी क्षेत्र में एक और व्यक्ति परेशान है। जिन्होंने कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। लेकिन फिर भी उनके मोबाइल फोन पर उनके दूसरी डोज के वैक्सीनेशन का संदेश आ गया है। परिजन परेशान है कि चार महीने पहले उनके मृतक नाना जी का टीकाकरण कैसे होगा।

लोटन क्षेत्र के ग्राम डफालीपुर निवासी सत्यनारायण सिंह का निधन दस जून को हो गया है। तीन जुलाई को उनकी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। उनके नाती अंकुर सिंह के मोबाइल फोन पर 16 नवंबर को मैसेज आया कि पी सत्यनारायण सिंह को कोविशिल्ड की दूसरी डोज लगा दी गई तो वह हैरान रह गए। सीएससी लोटन के अंतर्गत टीका लगाने वाली एनम का नाम गुड़िया आया है। उन्होंने बताया कि गांव के स्कूल में आयोजित कोविड-19 टीकाकरण शिविर में उनके बाबा को चार अप्रैल को टीके की पहली डोज लगाई गई थी तो उनका मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया में शेयर पोस्ट में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि इस मामले की आगे छानबीन की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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