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Sitapur: स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही हैं धज्जियां, सामुदायिक शौचालय में चल रही हैं किरानें की दुकान

अजय सिंह, सीतापुर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सामुदायिक शौचालय के अंदर परचून की दुकान खोलने का मामला सामने आया है। यहां शौचालय के अंदर स्थित दुकान से गांव के लोग रोज खरीदारी करते हैं। शौचालय में बने स्नानागार को किराना दुकान का गोदाम बना दिया गया है। सत्तर हजार रुपए की सरकारी लागत से बना शौचालय ग्रामीणों के तो किसी काम नहीं आ रहा है। अपितु यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में छाया हुआ है। वहीं, सीडीओ ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

आपको बता दें कि यह मामला सकरन ब्लॉक के तारपारा गांव का है। बताया गया है कि यहां के निवासी मोहनलाल की जमीन पर एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। इस दौरान मोहनलाल का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में शौचालय निर्माण के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को जमीन की तलाश थी। ग्राम प्रधान और सचिव ने मोहनलाल को प्रलोभन दिया कि अगर वह अपनी जमीन पर शौचालय बनवा लेगा तो उसे 15 हजार रुपये हर महीने किराया और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।

प्रधान ने वादा नहीं निभाया

मोहनलाल ने कहा कि इसी प्रलोभन में आकर ग्रामीण ने शौचालय का निर्माण तो करवा लिया लेकिन उससे किये गए वादे पूरे नहीं हुए तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। जमीन पर कब्जा जमाने के लिए उसने वहां परचून की दुकान खोल ली। दुकान खुलने के बाद ग्रामीणों ने विरोध तो दर्ज कराया लेकिन पंचायत सचिव ने महज मोहनलाल को नोटिस देकर मामले से पलड़ा झाड़ लिया।

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