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…तो क्या पृथ्वी के खत्म होने का शुरू हो गया काउंटडाउन, ‘कलियुग’ और ‘श्रृष्टि’ के नष्ट होने की पढ़ें हैरान कर देने वाली ये रिपोर्ट

नई दिल्ली। शास्त्रों में लिखा है, जब कभी कलयुग खत्म होगा तो दुनिया में अराजकता की स्थिति बन जाएगी प्रकृति अपने खात्मे का संकेत देने लगेगी। दुनिया में महामारी, युद्ध और अकाल तेज हो जाएंगे। ग्लेशियर पिघलने लगेंगे, अतिशय वर्षा, बाढ़ और सैलाब तबाही लाएंगे। जिससे सूखा ,अकाल ,भुखमरी जैसी समस्या उत्पन्न हो जाएगी। एक देश दूसरे देश के खून के प्यासे हो जाएंगे। शास्त्रों में लिखे हुए शब्द अब जमीन पर दिखने भी शुरू हो गए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच भीषण होते युद्ध में परमाणु युद्ध की आशंका तेज होने के साथ ही चीन और ताइवान के बीच युद्ध के आसार गहराने लगे हैं। चीन में कोरोनो का कहर लौट आया है और वहां कई शहरों में फिर लॉकडॉन लग गया है। तो वहीं हिन्दुस्तान में भी अनिष्ट की आशंका गहराने लगी हैं।

हमारे शास्त्रों में कलयुग के विषय में विस्तार से लिखा गया है, जिसके सच होने के संकेत भी मिलने शुरू हो गए हैं। जिस तरह से पूरे विश्व में वर्ल्ड वार के साथ परमाणु बम की आहट सुनाई देनी शुरू हुई है, उससे जानकारों का कहना है कि, अगर ऐसा हुआ तो कलयुग और श्रृष्टि भी लगभग-लगभग खत्म हो जाएगा। जहां रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है तो वहीं चीन और ताइवान भी जंग के मुहाने पर खड़े हैं। उधर, हिन्दुस्तान में भी हिमालय ने इसके संकेत देने शुरू कर दिए हैं। चारों धाम केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री मैं लगातार बड़ी एवलांच की घटनाओं ने इस डर को और पुख्ता कर दिया है।

हिमालय पिघल रहे हैं, बर्फ के बवंडर तबाही के संकेत दे रहे हैं, केदारनाथ की घाटी के आसपास आए एवलांच उसके बाद उत्तर काशी में आया अवलांच साथ ही गंगोत्री हिल्स में भी एवलांच की हलचल बता रही है की हिमालय में सब ठीक नहीं है। इसके अलावा जिस तरह से बारिश के मौसम में सूखा और सर्दी के वक्त बरसात हो रही है, इससे साफ दिख रहा है कि, प्रकृति ने अपना रंग दिखने शुरू कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि, जिस तरह से हिमायल पिघल रहे हैं, उससे भवायह स्थित उत्पन्न हो सकती है।

बतादें, 2013 में केदारनाथ आपदा में हजारों लोगों ने अपनी जान गवाई थीं। केदारनाथ में ग्लेशियर पिघलने के बाद तबाही आई थी। 2 साल पहले बद्रीनाथ से कुछ दूरी पर जोशीमठ में आई महा तबाही ने हजारों लोगों को लील लिया। उसके बाद अभी कुछ दिन पहले उत्तरकाशी के द्रोपति के डांडा में आए थे ब्रांच में तीस लोगों की मौत। इसी बीच केदारनाथ से इवलांच क भयानक वीडियो ये बता रहा है की हिमालय में हलचल बढ़ रही है।ये हलचल कभी भी किसी तबाही को ला सकती है।

बड़े बुजुर्ग कहा करते थे की जब दुनिया खत्म होगी तब पूरी दुनिया में जल प्रलय आएगी और पृथ्वी जल में समा जायेगी। ऐसे में अगर वाकई में हिमालय से हिमखंडों के पिघलने का सिलसिला शुरू हो गया तो ये अपने साथ महा सैलाब लेकर आएगा और उसके बाद दुनिया का द एंड निश्चित है। वहीं वैज्ञानिकों का भी मानना है कि, पिछले कुछ वर्षों से हिमलाय ने अपनी रूपरेखा बदली है। बारिश भी बेमौसम हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि, अगर इंसान जल्द चेता नही ंतो आने वाले दिनों में भारी तबाही का सामना उन्हें करना पड़ सकता है।

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