ब्रेकिंग
Auraiya: पिछड़ों को मंत्री बनाना भाजपा की चाल- त्रिवेणी पालTEAM INDIA का नया कोच: मुख्य कोच पद के लिए द्रविड़ ने किया आवेदनप्रमोशन में रिजर्वेशन मामला: केंद्र और राज्य सरकारों की दलीलें पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसलाSiddharthnagar: बिजली के खंभे से गिरने पर विद्युत कर्मचारी की मौत, नाराज लोगों ने दिया धरनाAuraiya: राजा भैया ने किया रोड शो, विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में भरा जोशइस शहर को कहा जाता है विधवा महिलाओं की घाटीAgra: बच्चों से भरी वैन के गड्ढे में गिरने से हुआ हादसाJhansi: युवा मोर्चा की जिला झाँसी महानगर कार्यसमिति की बैठक हुई सम्पन्नHamirpur: NH34 पर अतिक्रमण हटाने पहुंची कंपनी, विधायक ने मांगी मोहलतAyodhya: पांचवे दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए अवध यूनिवर्सिटी में तैयारी शुरू

गुरू से लाखों ले उड़े चेले, अंधविश्वास में ठगी गई महिला टीचर

अश्वनी निगम, कानपुर

कानपुर में टप्पेबाज़ों ने एक शिक्षिका के साथ सरेआम साढ़े 4 लाख रुपयों के सोने के जेवरों की ठगी कर ली। टप्पेबाज़ों ने पहले शिक्षिका के बच्चे को पढ़ाई में कमज़ोर बताया फिर उपाय के तौर पर शिक्षिका के सारे जेवरात उतरवाए और शिक्षिका को 51 कदम चलने को कहा, शिक्षिका 51 कदम चली और टप्पेबाज रफूचक्कर हो गए। अब शिक्षिका हैरान है और पुलिस परेशान है।

एक कदम चलने की कीमत 7 हज़ार 843 रुपये वो 51 कदम चली ओर महिला को साढ़े 4 लाख देने पड़े। जी हां ये कानपुर है साहब यहां सब मुमकिन है। अब साढ़े 4 लाख की पूरी मिस्ट्री समझ लीजिए। दरअसल नजीराबाद की रहने वाली अदिति राज पेशे से टीचर है और किताबें लेने सीसामऊ थाना क्षेत्र के लेनिन पार्क पहुचीं। तभी अदिति राज को 2 शख्स मिले और उन दोनों शख्सों ने अदिति राज को बातों में उलझा लिया और बताया कि तुम्हारा बेटा पढ़ाई में बहुत कमजोर है। शिक्षिका होने के बावजूद अदिति राज उन दोनों ठगों को अन्तर्यामी समझ बैठी और उन दोनों टप्पेबाज़ों पर भरोसा कर किया। टप्पेबाज़ों ने अदिति राज के सारे जेवरात उतरवाए और अदिति राज को 51 कदम चलने को कहा। अदिति राज को लगा की बस 51 कदम चलना है और उसका बेटा सीधे नासा का वैज्ञानिक बन जाएगा। अदिति राज 51 कदम चली बेटा वैज्ञानिक तो नही बना टप्पेबाज ज़रूर साढ़े 4 लाख के जेवर लेकर फरार हो गए।

इस घटना से पूरे पुलिस महकमे में हंड़कप मच गया। वहीं पुलिस ने अदिति की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से टप्पेबाज़ों की तलाश कर रही है।

बड़ा सवाल है कि जब शिक्षिका जो दूसरों को पढ़ाती है। जब वो अंधविश्वास के चलते टप्पेबाज़ों के चक्कर में आ सकती है तो, कम पड़े लिखे लोगों की बात ही छोड़ दीजिए। ज़रूरत है जागरूकता की ओर अंधविश्वास को खत्म करने की।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities