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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद कहा, मुल्क को चलाने के नहीं बचा है पैसा

पाकिस्तान अपने रोजमर्रा की गतिविधिओं को भी चलाने में अब सक्षम नहीं बचा है। इमरान ख़ान ने कहा है कि पाकिस्तान के पास मुल्क को चलाने के लिए पैसे नहीं हैं और क़र्ज़ भी बढ़ता जा रहा है। इस्लामाबाद में हुए एक समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह किसी घर में आमदनी कम हो और खर्चे ज़्यादा हों तो वो घर मुश्किल में पड़ा रहता है। पाकिस्तान का भी वहीं हाल हो गया है। इमरान ख़ान ने कहा, ”अवाम के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि मुल्क को चलाने के लिए पैसा नहीं है ही नहीं और हम कर्ज पर कर्ज लेते जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए बचत और निवेश के मामले में पाकिस्तान पीछे छूटता जा रहा है। इमरान ख़ान ने कहा, ”पाकिस्तान में टैक्स कल्चर कभी बना ही नहीं। टैक्स चोरी करना बुरी चीज़ है, इसे लोग समझते ही नहीं हैं। मैंने इस विषय पर चिंतन किया कि आख़िर पाकिस्तान में टैक्स देने की संस्कृति क्यों नहीं है.”नतीजे में दो-तीन बातें सामने आईं। पहली यह कि जब हम उपनिवेश थे तो उस वक़्त लोगों को लगता था कि विदेशियों को टैक्स क्यों देना है। पराए की हुकूमत में टैक्स चोरी करना स्वाभाविक सी बात थी जो लोग ये समझते हैं कि इन टैक्स से हमारी ही बेहतरी होगी, वे कुछ और सोचते हैं।”

इमरान ख़ान ने कहा, ”जब हम आज़ाद तो हो गए मगर अभी तक टैक्स की संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया गया है। लेकिन जो लोग टैक्स जमा भी करते थे, उन्हें ये लगने लगा कि उनके टैक्स से उनकी बेहतरी नहीं बल्कि शासक वर्ग की बेहतरी होगी। इसलिए अब मुल्क के पास इतना भी पैसे नहीं बचे हैं। जिनसे वो आवाम को चला सके।

 

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