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‘हुस्न-ए-मल्लिका’ के साथ कानपुर के इस अफसर ने की थी शादी, पत्नी की मौत के बाद उसकी याद में बनवाया ये हॉस्पिटल

कानपुर। … कहने को हर शहर की अपनी अलग पहचान और विरासत होती है, लेकिन कानपुर शहर की गलियां, चौक-चौराहों से लेकर यहां पर बनी एक-एक इमारत की अपनी ही कहानी है। अंग्रेज सरकार ने पूरब के मैनचेस्टर को आर्थिक राजधानी के तौर पर विकसित किया था। यहां अच्छे अस्पताल और शिक्षण संस्थानों के अलावा मुख्य बाजारों में श्रमिकों को यह सुविधा देने के लिए घंटाघर बनवाए थे। इन्हीं में से एक उर्सला हॉर्समैन मेमोरियल हॉस्पिटल के बारे में हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, जहां पर 26 फरवरी 1937 से लेकर आज तक सैकड़ो मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। स्थापना काल से जरूरतमंदों की जीवन रक्षा करता चला आ रहा यह अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के इतर बेपनाह मोहब्बत की कहानी को भी अपने सीने में संजोए हुए है। जिसे पढकर आप भी हैरान हो जाएंगे।

दोनों ने की शादी
बात 1921 की है। देश में अंग्रेजों की हुकूमत थी। आजादी को लेकर पूरे देश में क्रांतिकारी सड़क पर थे। अंग्रेजों ने हिन्दुस्तानियों के लिए कई पाबंदियां लगा रखी थी, लेकिन प्यार पर रोक नहीं थी। बतौर अंग्रेज अफसर अल्बर्ट फ्रांसिस हॉर्समैन के बेटा अल्बर्ट हॉर्समैन की पोस्टिंग कानपुर में हुई। तभी उसकी मुलाकात उर्सला नाम की महिला से हुई। दोनों के बीच प्यार पनपा जो बाद में शादी में तब्दील हो गया। अल्बर्ट हॉर्समैन अपनी पत्नी उर्सला से बेपनाह मोहब्बत करता था। जो कि बहुत ही खूबसूरत थीं। उस समय उन्हें-हुस्न-ए-मल्लिका के उपनाम से संबोधित किया जाता था।

विमान हादसे में उर्सला की हो गई थी मौत
अल्बर्ट हॉर्समैन और उर्सला शादी के बाद बहुत खुश थे। उन दोनों को चार संतानें मोराइनी, हेनरी, जॉन और पीटर हुईं। उर्सला 1935 को लंदन जा रही थीं। तभी ब्रिटिश इम्पीरियल एयरवेज का विमान हादसे का शिकार हो गया, जिसमें सफर कर रही उर्सला की मौत हो गई। इस घटना ने अल्बर्ट हॉर्समैन टूट गए। कई दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। उर्सला की स्मृतियों को दिल में सहेजने के लिए ही अस्पताल की स्थापना करवाई। उर्सला अस्पताल में तब से लेकर आज तक हर दिन मरीज इलाज के लिए आते है।। यह अस्पताल वर्तमान समय में 550 बेड का होने के साथ ही मंडलीय चिकित्सालय के रूप में पहचान बना चुका है।

85 वर्ष का हुआ उर्सला अस्पताल
उर्सला अस्पताल 85 वर्ष का हो गया है। अस्पताल के डॉक्टर्स के मुताबिक, अल्बर्ट हॉर्समैन ने इसका निर्माण उर्सला की याद में कराया गया था। अस्पताल का शुभारंभ हेनरी ग्राहम ग्रेग ने किया था। उर्सला अस्पताल में बर्न यूनिट, कार्डियक यूनिट, डायलिसिस यूनिट, फिजियोथेरेपी, आइसीयू, आइसीसीयू, एमआरआइ, सीटी स्कैन, वेंटीलेटर, पीबीयू, नियोनेटल यूनिट, सीआर्म, डिजिटल एक्सरे, अल्ट्रासाउंड जांच, कम्यूटराइज्ड पैथालॉजी, ब्लड बैंक, ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट एवं जीरियाटिक वार्ड सहित अनेक सुविधाएं हैं। यहां कानपुर के अलावा आसपास के जनपदों के मरीज हरदिन आते हैं।

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