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काल बनकर दौड़ रहा ट्राला दीवार को तोड़ते हुए घर के अंदर घुसा, रिटायर दरोगा समेत चार की दर्दनाक मौत, मलवे में दबे आधा दर्जन ग्रामीणों को जेसीबी के जरिए बाहर निकाला गया

मैनपुरी। कुरावली तहसील के गांव खिरिया पीपर में देररात दर्दनाक हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार सरिया से लटा ट्राला अनियंत्रित होकर हाईवे के किनारे बने घर के पिलर को तोड़ते हुए दूसरे मकान में घुस गया। जिससे ट्रक चालक, परिचालक और घर में सो रहे दंपत्ति की मौके पर मौत हो गई। जबकि ट्राला में बैठे छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करा, मलवे में दबे लोगों को निकालने के लिएए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी के जरिए दो शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

देररात हुआ हादसा
खिरिया पीपर गांव के सामने हाईवे पर दिल्ली से तेज रफ्तर सरियों से लछा ट्राला देररात करीब 10 बजे अनियंत्रित होकर हाईवे के किनारे बने प्रमोद कुमार के घर के पिलर को तोड़ते हुए रिटायर दरोगा विज्ञाम सिंह के मकाल में घुस गया। ट्राला के मकान में घुसने के बाद वह गिर गया। घर के अंदर सो रहे दरोगा विश्राम सिंह और उनकी पत्नी घर के मलबे के नीचे दब गए। साथ ही चालक चालक कविंद्र पुत्र मुन्नालाल निवासी ग्राम रुद्रपुर थाना बिशुनगढ़, जनपद कन्नौज परिचालक अंकित पुत्र प्रमोद निवासी ग्राम कुंदरकोट, थाना रामपुरा अहिरवा, औरैया के अलावा ट्रॉला में बैठे मुनेश कुमार पुत्र शेर सिंह, राम नारायन पुत्र प्रेमचंद्र, संजीव पुत्र सामंत सिंह, देवेंद्र पुत्र गंगा सिंह, अखिलेश पुत्र राजेश कुमार निवासीगण ग्राम रुद्रपुर,विशुनगढ़ कन्नौज, सुनील कुमार पुत्र भवर सिंह निवासी भोजपुर विशुनगढ़ कन्नौज दब गये।

सूचना पर पहुंचे आलाधिकारी
मलबे में दबे लोगों की चीख पुकार सुनकर रात में ही मौके पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिस कप्तान कमलेश दीक्षित, एडीएम,एसडीएम युगांतर त्रिपाठी,सीओ संजय वर्मा, इंस्पेक्टर भोलू सिंह भाटी तथा पुलिसकर्मी व राजस्वकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे घायल मुनेश कुमार, रामनारायन, संजीव कुमार, सुनील कुमार, देवेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार को निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उनको जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। मकान के मलबे में दबे शवों को निकालने के लिये प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रात में ही जेसीबी बुलाकर लगभग 4 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जिसके बाद ट्रॉला चालक कविंद्र, परिचालक अंकित सहित रिटायर्ड पुलिसकर्मी विश्राम सिंह तथा उसकी पत्नी विनोदा देवी के शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हाईवे के किनारे बना था मकान
मृतक पुलिसकर्मी विश्राम सिंह 4 माह पहले एएसआई पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जिसके बाद पुलिसकर्मी गांव से बाहर बने अपने नये मकान में रहने लगे थे। ग्रामीणों ने बताया कि ट्राला की रफ्तार बहुत अधिक थी। जिससे वह एक नहीं दो मकानों को तोड़ दिया ग्रामीणों के मुताबिक, गलीमत रही कि पहले वाले घर के अंदर कोई नहीं था। परिवार के लोग मकान से कूछ दूरी पर सो रहे थे। अगर वह घर के अंदर होते तो उनकी मौत तय थी। ग्रामीणों ने बताया कि, यहां आएदिन हादसे होते रहते हैं। हमलोगों ने हाईवे पर डिवाइडर बनाए जाने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस बीच ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद भी हुआ।

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