बड़ी ख़बरें
Beating the Retreat Ceremony: बारिश के बीच बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी कार्यक्रम की शुरूआत… 3500 स्वदेशी ड्रोन आसमान दिखाएंगे इंडियन कल्चरRakhi mother passes away:राखी सावंत की मां का निधन… भावुक पोस्ट में रोते हुए दिखीं एक्ट्रेस… आखिरी समय में दर्द में थी मांNational Executive of SP declared: अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल को दी बड़ी जिम्मेदारी…. स्वामी प्रसाद मौर्य को भी मिली जगह… सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषितRohit Sharma: पाकिस्तान के बल्लेबाज शाहिद आफरीदी के इस रेकॉड पर रोहित शर्मा की नजर… इस साल टूट जाएगा रेकॉडIndia vs New Zealand T20 Series: टीम इंडिया सीरीज में वापसी करने उतरेगी… जाने क्या है इंडिया-न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग-11Flag Hoisting at Lal Chowk: लाल चौक पर राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा… पं नेहरू के बाद झंडा रोहण करने वाले राहुल बने दूसरे कांग्रेसी नेताJunior Clerk Paper Leaked: गुजरात में जुनियर क्लर्क का पेपेर हुआ लीक… लाखों अभ्यार्थी देने वाले थे परीक्षाकानपुर चिड़ियाघर से नोटों से भरी तिजोरी उठा ले गए चोर… कमरे में बाहर से लगा मिला ताला…. पुलिस जांच में जुटीLok Sabha Election 2024 Survey: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सर्वे में आए चौकाने वाले नतीजे… इन राज्यों में कांग्रेस पार्टी बीजेपी को दे सकती है झटकाPathan Worldwide Box Office: ‘पठान’ ने तीन दिन में कमाएं 313 करोड़… विदेशी भी शाहरूख के मुरीद

ईद, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की परीक्षा में पास हुई योगी सरकार

यूपी में पहली बार नहीं हुई सड़कों पर ईद की नमाज़

नमाज़ के लिए मस्जिद व ईदगाह में जगह कम पड़ी तो अलग-अलग शिफ्ट में पढ़ी गई नमाज़

पहले बुलडोजर, फिर लाउडस्पीकर विवाद और अब ईद की नमाज में यूपी ने पेश की कानून व्यवस्था की मिसाल

रंग लाई योगी की अपील, मुस्लिम धर्मगुरु भी आए आगे, ईदगाहों में हुई नमाज़

32 हजार स्थलों पर हुई ईद की नमाज़, हर जगह शांति और सौहार्द

राम नवमी, हनुमत जयंती और अलविदा की नमाज़ के बाद ईद, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती की परीक्षा में पास हुई योगी सरकार
ईद-उल-फितर के पाक मौके पर उत्तर प्रदेश ने एक नया इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर इस बार पूरे प्रदेश में कहीं भी यातायात बाधित कर सड़कों पर ईद की नमाज़ नहीं अदा की गई। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी सीएम के अपील का समर्थन किया था, नतीजतन, ईद की नमाज़ ईदगाह अथवा अन्य तयशुदा पारंपरिक स्थान पर ही हुई। हापुड़ और लोनी (गाजियाबाद) सहित कई क्षेत्रों में जहां मस्जिद और ईदगाहों में जगह कम थी वहां तो अलग-अलग शिफ्ट में लोगों ने नमाज़ पढ़ी।

पिछले वर्षों तक जहां 50 हजार से 01 लाख लोग सड़कों व अन्य स्थानों पर नमाज पढ़ते थे, वहां प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है ईद की नमाज़ सडकों पर नहीं हुई। इससे पहले, अलविदा की नमाज़ के समय भी ऐसी ही अभूतपूर्व स्थिति देखी गई थी, जब मुख्यमंत्री की अपील पर लोगों ने मस्जिदों में ही नमाज़ अदा की थी। यही नहीं, ईद-उल-फितर, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के एक ही दिन होने से यूपी में जताई जा रही विवाद की आशंका भी निर्मूल साबित हुई। लोगों ने ईदगाहों में नमाज़ पढ़ी तो परशुराम जयंती पर विविध संगठनों ने शांतिपूर्ण आयोजन भी किए। प्रदेश के सभी 75 जिलों से हर्ष और उल्लास के साथ त्योहार मनाए जाने की सूचना है। वहीं राजस्थान के जोधपुर सहित देश के कुछ प्रान्तों में ईद पर दो समुदायों के बीच हिंसा व तनाव की खबरें आई हैं।

बीते दिनों, सीएम योगी ने अधिकारियों को ईद, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के एक ही दिन होने पर पुलिस/प्रशासन को अतिरिक्त संवेदनशील रहने को कहा था। साथ ही, सड़क पर यातायात रोक कर नमाज़ पढ़ने से सामान्य जन को होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए इस बावत धर्मगुरुओं से संवाद बनाने के निर्देश भी दिए थे। मुख्यमंत्री के प्रयास का सकारात्मक असर देखने को मिला और कहीं भी सड़क पर नमाज़ नहीं हुई। सीएम के निर्देश पर एहतियातन यूपी पुलिस ने सुरक्षा चाक चौबंद की थी। अनुमान के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश में करीब 33 हजार जगहों पर नमाज अदा की गई, इसमें 2,800 स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे।

यूपी ने बताया कानून सबके लिए समान, जनहित से समझौता नहीं

बुल्डोजर मॉडल और धार्मिक स्थलों पर लगे अनावश्यक लाउडस्पीकर की समस्या के सौहार्दपूर्ण निदान के बाद अब सड़क पर नमाज़ पढ़ने की समस्या का आम सहमति से हल पेश करने वाले योगी आदित्यनाथ के लॉ एंड ऑर्डर मॉडल की सराहना हो रही है। इन दिनों देश के विभिन्न प्रान्तों में चल रहे लाउडस्‍पीकर विवाद के बीच यूपी में सीएम योगी ने मंदिर-मस्जिद सहित सभी धर्मस्‍थलों पर तय मानकों के मुताबिक लाउडस्पीकर को कम आवाज में बजाने को कहा। मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर ने आगे बढ़कर इस आह्वान का समर्थन करते हुए लाउडस्पीकर की आवाज को कम किया अथवा उतारा तो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सभी धर्मगुरुओं से संवाद किया और स्वप्रेरणा से मस्जिदों से भी अनावश्यक लगे लाउडस्पीकर उतरने लगे। मंदिर हो या कि मस्ज़िद, नियमविरुद्ध लगे लाउडस्पीकर उतरने के दॄश्य यूपी में आम हो चले हैं। सबसे खास बात कि यह पूरी प्रक्रिया आम सहमति से हो रही है, कहीं से भी हिंसा, विवाद जैसी अप्रिय घटनाओं की कोई खबर नहीं आई।

यूपी में बन रही शांति और सौहार्द की नई परंपरा सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता मानने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोशिशें रंग लाने लगी हैं। शांति और सौहार्द के साथ धार्मिक आयोजन होना यूपी में एक परंपरा बनती जा रही है, तो योगी के कानून व्यवस्था ने अन्य राज्यों के सामने नजीर भी पेश किया है। बीती रामनवमी पर देश के कई राज्यों से हिंसा और उत्पात की अनेक घटनाएं हुईं।रामनवमी के अवसर पर शोभा यात्रा निकली, तो शहर-शहर बलवा और बवाल हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश में 800 से अधिक शोभायात्राएं निकलीं और विवाद की एक भी घटना नहीं हुई।

Related posts

Leave a Comment

अपना शहर चुने

Top cities